मऊ धान फसल नुकसान, मौसम ब्रेकिंग (मऊ): खेतों में लहलहाती धान की फसल देखकर जिन किसानों के चेहरे पर अच्छी पैदावार की उम्मीद थी, अब उन्हीं चेहरों पर मायूसी छा गई है। महीनों की मेहनत, खाद-बीज, सिंचाई और मजदूरी पर लगाई गई पूंजी कटाई से ठीक पहले बेमौसम बारिश की भेंट चढ़ती नजर आ रही है।
चक्रवाती तूफान अर्नब के असर से दो दिनों तक तेज हवा के साथ हुई बारिश ने पककर तैयार धान की फसल को खेतों में बिछा दिया है। कहीं बालियां जमीन से सट गई हैं तो कहीं खेत पानी में डूबे हैं।
हालात ऐसे हैं कि किसानों के सामने अब फसल काटने से पहले उसे बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है। शुरुआती अनुमान के मुताबिक, 20 से 25 फीसदी तक धान की फसल प्रभावित होने की आशंका है।
यह भी पढ़ें: Rabi Crops Sowing: बारिश के बाद खेतों में भरा पानी, इन फसलों की करें बुवाई
मौसम जल्द साफ नहीं हुआ तो किसानों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। किसानों की महीनों की मेहनत पर बेमौसम बारिश और चक्रवाती तूफान के कारण पानी फिर गया है।
यह भी पढ़ें: संतकबीरनगर में भारी बारिश से धान और तिलहनी फसलें बर्बाद
यह भी पढ़ें: हरियाणा में गेहूं बिजाई का सीजन शुरू, इन 6 किस्मों से बढ़ेगी पैदावार







