हरियाणा में गेहूं बिजाई का सीजन शुरू, इन 6 किस्मों से बढ़ेगी पैदावार

हरियाणा में गेहूं बिजाई: हरियाणा में गेहूं बिजाई का सीजन शुरू हो चुका है और कुरुक्षेत्र के क्वालिटी कंट्रोल इंस्पेक्टर डॉ. शशि पाल शर्मा ने किसानों को बेहतर पैदावार के लिए वैज्ञानिक तरीकों, उन्नत बीजों और मौसम के अनुकूल प्रबंधन की सलाह दी है।

प्रतीकात्मक तस्वीर: हरियाणा में गेहूं बिजाई
प्रतीकात्मक तस्वीर. Photo: Dev Datt / Pexels

हरियाणा में गेहूं बिजाई , मौसम ब्रेकिंग (कुरुक्षेत्र): हरियाणा में धान की कटाई का सीजन लगभग समाप्त होने के साथ ही रबी की प्रमुख फसल गेहूं की बिजाई की तैयारियां तेज हो गई हैं। प्रदेश के किसान अब बेहतर उत्पादन और अधिक मुनाफे के लिए उन्नत किस्मों के बीज की तलाश में जुटे हैं।

हरियाणा में मौसम ब्रेकिंग (कुरुक्षेत्र): इस बारे में कुरुक्षेत्र के क्वालिटी कंट्रोल इंस्पेक्टर डॉ. शशि पाल शर्मा ने किसानों को गेहूं की वैज्ञानिक बिजाई, बीज उपचार, खाद प्रबंधन और खरपतवार नियंत्रण को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं।

हरियाणा में गेहूं की बिजाई के लिए 25 अक्टूबर से 15 नवंबर तक का समय सबसे उपयुक्त माना जाता है।

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हरियाणा में मौसम ब्रेकिंग (कुरुक्षेत्र): हालांकि, इस बार मौसम में बदलाव और हल्की बरसात के कारण कुछ क्षेत्रों में बिजाई का काम प्रभावित हुआ है। किसानों को सलाह है कि वे खेत की नमी और मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए बिजाई करें।

हरियाणा में मौसम ब्रेकिंग (कुरुक्षेत्र): इंस्पेक्टर डॉ. शशि पाल शर्मा ने कहा कि गेहूं की अच्छी पैदावार के लिए उन्नत किस्म का बीज चयन बेहद महत्वपूर्ण है।

हरियाणा की परिस्थितियों के अनुकूल DBW 327, DBW 372, DBW 826, DBW 872, DBW 222 और DBW 303 किस्में बेहतर हैं।

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हरियाणा में मौसम ब्रेकिंग (कुरुक्षेत्र): डॉ. शर्मा ने बताया कि बीज की बिजाई करने से पहले उसका उपचार करना जरूरी है जिससे शुरुआती अवस्था में फफूंद जनित बीमारियों से बचाया जा सके।

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एक किलो गेहूं के बीज को उपचारित करने के लिए दो ग्राम बाविस्टिन फफूंदनाशक का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।

हरियाणा में मौसम ब्रेकिंग (कुरुक्षेत्र): गेहूं की फसल से बेहतर उत्पादन लेने के लिए खाद का संतुलित इस्तेमाल जरूरी है और एक एकड़ में कुल 130 किलो यूरिया, एक बैग डीएपी और एक बैग पोटाश का प्रावधान बताया गया है। गेहूं की बिजाई के लगभग 21 दिन बाद पहली सिंचाई की जाती है।

हरियाणा में मौसम ब्रेकिंग (कुरुक्षेत्र): बिजाई के 72 घंटे के भीतर अवकीरा खरपतवारनाशक का इस्तेमाल करना चाहिए ताकि खरपतवारों से फसल की रक्षा हो सके। किसानों को लगातार एक ही रसायन या प्रभाव-समूह वाली दवा का इस्तेमाल करने से बचने की सलाह दी गई है।

हरियाणा में मौसम ब्रेकिंग (कुरुक्षेत्र): वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाकर किसान खेती की लागत को बेहतर ढंग से नियंत्रित कर सकते हैं और उत्पादन बढ़ाने की दिशा में कदम उठा सकते हैं। किसानों को खेत की मिट्टी की जांच करवाकर उसी के आधार पर खाद का इस्तेमाल करना चाहिए।

Aditi Chauhan
लेखक परिचय

Aditi Chauhan

Climate & Weather Explainer Writer

Aditi Chauhan, Mausam Breaking के Explainers Desk से जुड़ी हैं। वे मानसून, चक्रवात, पश्चिमी विक्षोभ, El Niño, La Niña और अन्य मौसम प्रणालियों से जुड़े विषयों को सरल भाषा में समझाने वाले articles तैयार करती हैं। उनका उद्देश्य जटिल मौसम विज्ञान संबंधी विषयों को आम पाठकों के लिए आसान और उपयोगी बनाना है।