UP Weather Forecast, मौसम ब्रेकिंग (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। प्रादेशिक मौसम केंद्र लखनऊ ने 31 अक्टूबर और 1 नवंबर 2026 के लिए बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है।
इसके अनुसार पहले दिन प्रदेश के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि दूसरे दिन अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहेगा। इस बीच पश्चिमी यूपी में रातें ठंडी होने लगी हैं और मुजफ्फरनगर में न्यूनतम तापमान 14.9 डिग्री दर्ज किया गया है।
प्रादेशिक मौसम केंद्र लखनऊ द्वारा 31 अक्टूबर 2026 को उत्तर प्रदेश के लिए अगले दो दिनों का मौसम पूर्वानुमान और चेतावनियां जारी की गई हैं। पहले दिन यानी 31 अक्टूबर 2026 की सुबह 08:30 बजे से 01 नवंबर 2026 की सुबह 08:30 बजे तक के लिए वर्षा पूर्वानुमान मानचित्र के अनुसार, राज्य के कई जिलों में छिटपुट से लेकर कुछ स्थानों पर बारिश होने की संभावना है।
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इस अवधि के दौरान उत्तर प्रदेश के बड़े क्षेत्र में हरे रंग से दर्शाए गए हिस्सों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने के आसार जताए गए हैं। मौसम विभाग के दूसरे दिन के पूर्वानुमान के अनुसार, 01 नवंबर 2026 की सुबह 08:30 बजे से 02 नवंबर 2026 की सुबह 08:30 बजे तक मौसम में कुछ बदलाव देखने को मिलेगा।
इस दौरान अधिकांश क्षेत्रों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की उम्मीद है, हालांकि राज्य के दक्षिणी-पूर्वी छोर और कुछ चुनिंदा हिस्सों जैसे बलिया, गाजीपुर और आसपास के जिलों में एक या दो स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। बाकी पूरे उत्तर प्रदेश में आसमान साफ रहने तथा बारिश की गतिविधियों में उल्लेखनीय कमी आने की पूरी संभावना मौसम विभाग द्वारा व्यक्त की गई है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मौसम और तापमान की स्थिति पर नजर डालें तो प्रादेशिक मौसम केंद्र लखनऊ की रिपोर्ट के अनुसार यहाँ तापमान में लगातार बदलाव दर्ज किया जा रहा है। पिछले चौबीस घंटों में राज्य का सबसे कम न्यूनतम तापमान मुजफ्फरनगर में 14.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है, जो इस क्षेत्र में ठंड की आहट को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।
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इसके अलावा नजीबाबाद में 15.0 डिग्री, मेरठ में 15.7 डिग्री और अलीगढ़ में अधिकतम तापमान 26.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। इन आंकड़ों से यह साफ होता है कि पश्चिमी अंचल में रातें ठंडी होने लगी हैं और सुबह के समय मौसम सुहावना तथा हल्का सर्द बना हुआ है।
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दूसरी ओर पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रों में तापमान और मौसम का मिजाज थोड़ा अलग प्रकार का देखने को मिल रहा है। पिछले चौबीस घंटों के दौरान इस क्षेत्र में शाहजहांपुर में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 31.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जिससे दिन के समय हल्की गर्मी और धूप का अहसास हो रहा है।
इसके साथ ही अयोध्या में अधिकतम तापमान 28.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। वर्षा पूर्वानुमान के अनुसार आगामी दिनों में पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ विशेष जिलों जैसे बलिया और गाजीपुर के आसपास छिटपुट बौछारें पड़ने की संभावना है, जबकि बाकी हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क बना हुआ है।
उत्तर प्रदेश में मौसम लगातार बदल रहा है और प्रादेशिक मौसम केंद्र लखनऊ द्वारा पिछले चौबीस घंटों के आंकड़े जारी किए गए हैं। इन आंकड़ों के अनुसार राज्य के विभिन्न जिलों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया है जो सामान्य स्थिति से भिन्न है।
मौसम विभाग की इस रिपोर्ट से यह स्पष्ट होता है कि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में सर्दी और गर्मी का मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है, जिससे आम जनजीवन और दैनिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। जारी की गई रिपोर्ट के मुताबिक पिछले चौबीस घंटों में सबसे कम न्यूनतम तापमान मुजफ्फरनगर में 14.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
इसके अलावा नजीबाबाद में 15.0 डिग्री, उरई में 15.6 डिग्री, मेरठ में 15.7 डिग्री और इटावा में 17.7 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड किया गया है। यह सभी आंकड़े क्षेत्र में ठंड के धीरे-धीरे बढ़ने और रात के समय तापमान में गिरावट का संकेत देते हैं, जिससे लोगों ने अब हल्के गर्म कपड़ों का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है.
दूसरी ओर अगर अधिकतम तापमान की बात की जाए तो शाहजहांपुर में सबसे अधिक 31.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया है। इसके साथ ही अयोध्या में 28.0 डिग्री, एल-खेरी में 27.0 डिग्री, अलीगढ़ में 26.2 डिग्री और फतेहगढ़ में 26.0 डिग्री अधिकतम तापमान रिकॉर्ड किया गया है।
मौसम विभाग के इन आंकड़ों से साफ पता चलता है कि दिन के समय अभी भी धूप बनी हुई है और तापमान में उतार-चढ़ाव का यह दौर आने वाले दिनों में भी इसी प्रकार से लगातार जारी रहने की पूरी संभावना है। जारी किए गए मौसम चेतावनी मानचित्रों के अनुसार पहले और दूसरे दोनों दिनों के लिए पूरे उत्तर प्रदेश में किसी भी प्रकार की गंभीर चेतावनी या खतरे का संकेत नहीं दिया गया है।
दोनों ही दिनों के मानचित्रों में पूरे राज्य को ‘नो वार्निंग’ यानी हरी श्रेणी में रखा गया है जिसका अर्थ है कि किसी भी प्रकार की प्राकृतिक आपदा या खतरनाक मौसम की आशंका नहीं है। इसके बावजूद प्रादेशिक मौसम केंद्र ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे बदलते मौसम के मिजाज को ध्यान में रखते हुए अपनी दैनिक गतिविधियों की योजना बनाएं और किसी भी नए अपडेट के लिए नियमित रूप से आधिकारिक मौसम bulletins की जानकारी प्राप्त करते रहें।









