छत्तीसगढ़ में चक्रवात अर्नब का कहर, रातभर हुई बारिश से फसलें बर्बाद

चक्रवात अर्नब: छत्तीसगढ़ में चक्रवाती तूफान अर्नब का असर लगातार देखने को मिल रहा है। रातभर हुई मूसलाधार बारिश से आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। सुरक्षा को देखते हुए पांच जिलों में स्कूलों की छुट्टी घोषित की गई है। बारिश और तेज हवाओं से धान की फसल को नुकसान पहुंच रहा है, जबकि मौसम विभाग ने दो.

प्रतीकात्मक तस्वीर: चक्रवात अर्नब
प्रतीकात्मक तस्वीर. Photo: Md Nadim Mahmud / Pexels

चक्रवात अर्नब, मौसम ब्रेकिंग (छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ में चक्रवाती तूफान अर्नब का असर लगातार देखने को मिल रहा है। रातभर हुई मूसलाधार बारिश से आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है।

सुरक्षा को देखते हुए पांच जिलों में स्कूलों की छुट्टी घोषित की गई है। बारिश और तेज हवाओं से धान की फसल को नुकसान पहुंच रहा है, जबकि मौसम विभाग ने दो नवंबर तक बारिश का दौर जारी रहने की बात कही है।

बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान अर्नब ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है जिसके चलते सरगुजा और रायपुर संभाग में रातभर भारी बारिश दर्ज की गई है। सड़कों और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है जिससे लोग घरों में कैद रहने को मजबूर हो गए हैं।

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मौसम विभाग ने उत्तर छत्तीसगढ़ में अलर्ट जारी करते हुए शुक्रवार को भी भारी बारिश की आशंका जताई है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी और आकाशीय बिजली गिरने की भी चेतावनी दी गई है, साथ ही प्रदेश में 2 नवंबर तक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।

खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन ने बड़ा फैसला लेते हुए बच्चों की सुरक्षा के लिए पांच जिलों में स्कूल बंद रखने के आदेश दिए हैं। दुर्ग, सरगुजा, कोरिया, बलरामपुर और रायगढ़ में छुट्टी का यह आदेश सभी सरकारी और निजी स्कूलों पर लागू रहेगा।

स्थानीय प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और आपदा प्रबंधन टीमों को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। लगातार हो रही इस बारिश ने किसानों की चिंताएं काफी बढ़ा दी हैं।

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बलरामपुर, मुंगेली और धमतरी में धान की फसल इस बारिश से बुरी तरह प्रभावित हुई है। कटाई के बाद खेतों में रखी फसल पूरी तरह भीग चुकी है और खेतों में खड़ी फसल भी जमीन पर गिरने लगी है।

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पानी भरने से धान के दाने काले पड़ने लगे हैं और फसल में फफूंद लगने का बड़ा खतरा पैदा हो गया है। इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।

मौसम विभाग ने किसानों को फिलहाल कटाई रोकने की खास सलाह दी है। इसके अलावा काटी गई फसल को किसी सुरक्षित और सूखे स्थान पर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

Aditi Chauhan
लेखक परिचय

Aditi Chauhan

Climate & Weather Explainer Writer

Aditi Chauhan, Mausam Breaking के Explainers Desk से जुड़ी हैं। वे मानसून, चक्रवात, पश्चिमी विक्षोभ, El Niño, La Niña और अन्य मौसम प्रणालियों से जुड़े विषयों को सरल भाषा में समझाने वाले articles तैयार करती हैं। उनका उद्देश्य जटिल मौसम विज्ञान संबंधी विषयों को आम पाठकों के लिए आसान और उपयोगी बनाना है।