कोरबा में चक्रवाती तूफान अर्नब का असर, झमाझम बारिश के साथ चलीं तेज हवाएं

चक्रवाती तूफान अर्नब: चक्रवाती तूफान अर्नब, मौसम ब्रेकिंग (कोरबा): बंगाल की खाड़ी से उठे भीषण चक्रवात अर्नब का असर कोरबा जिले में साफ दिख रहा है, जहां तेज हवाओं और भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है और प्रशासन अलर्ट पर है।

प्रतीकात्मक तस्वीर: चक्रवाती तूफान अर्नब
प्रतीकात्मक तस्वीर. Photo: Shubham Dhage / Pexels

चक्रवाती तूफान अर्नब, मौसम ब्रेकिंग (कोरबा): बंगाल की खाड़ी से उठे भीषण चक्रवाती तूफान अर्नब का व्यापक असर ऊर्जाधानी कोरबा और आसपास के जिलों में भी साफ तौर पर देखा जा रहा है. आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों से टकराने के बाद देश के अंदरूनी इलाकों की ओर बढ़े अर्नब चक्रवात के कारण कोरबा जिले में गुरुवार सुबह से ही आसमान में काले बादल छाए रहे.

यहाँ तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर लगातार जारी है. मौसम विभाग ने कोरबा सहित उत्तर छत्तीसगढ़ के कई जिलों में आगामी 24 से 48 घंटों के दौरान भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया है.

चक्रवात अर्नब के कारण चल रही ठंडी और नम हवाओं से कोरबा जिले के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है. 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हवाओं और लगातार बारिश के कारण आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है.

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सुबह से ही सड़कों पर आवाजाही सामान्य से काफी कम देखी गई. मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अगले दो दिनों तक जिले में रुक-रुक कर मूसलाधार बारिश और बादलों की गरज के साथ बिजली गिरने की आशंका बनी हुई है.

सुरक्षा के दृष्टिकोण से जिले के सभी शैक्षणिक संस्थानों में बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं. कलेक्टर कुणाल दुदावत ने गुरुवार को अवकाश घोषित किया है.

वहीं नगर निगम, राजस्व विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमों को अलर्ट मोड पर रखा गया है. बाढ़ नियंत्रण कक्ष को 24 घंटे सक्रिय कर निचले इलाकों की निगरानी बढ़ा दी गई है.

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आंधी-तूफान के कारण पेड़ गिरने या बिजली सप्लाई बाधित होने की स्थिति में तुरंत राहत पहुंचाने के लिए विशेष लाइनमैन गैंग्स की तैनाती की गई है. कृषि मौसम विज्ञान विभाग ने चक्रवात अर्नब को देखते हुए किसानों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं.

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जिन किसानों की धान की फसल पककर तैयार हो चुकी है या कटाई हो चुकी है, वे उपज को तत्काल सुरक्षित व ढके हुए स्थान पर रखें. फसल कटाई न हुई हो तो इससे परहेज करें तथा खेतों में जलभराव रोकने के लिए जल निकासी के रास्ते साफ रखें.

वज्रपात और बारिश के खतरे को देखते हुए मवेशियों को पेड़ों के नीचे न बांधें और उन्हें पक्के व सूखे आश्रय स्थलों में रखें. भारत मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक बुधवार के साथ ही गुरुवार को भारी वर्षा की संभावना जताई गई थी.

प्रशासन ने जानकारी दी है कि मिनीमाता बांगो बांध में जलस्तर बढ़ता है तो जरूरत पड़ने पर बांध के गेट खोले जा सकते हैं. इससे हसदेव नदी के जलस्तर और जल प्रवाह में वृद्धि होने की संभावना है.

नदी के तटीय और जल प्रवाह वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की गई है. लोगों से कहा गया है कि नदी के किनारों से पर्याप्त दूरी बनाए रखें और नदी में उतरने या जोखिम वाली गतिविधियों से बचें.

29 अक्टूबर को जिले भर में 242.2 एमएम वर्षा दर्ज की गई है और 1 जून से अब तक की औसत वर्षा 1206.3 एमएम है. चक्रवात के असर के कारण 29 अक्टूबर को भैसमा और कटघोरा तहसील में सर्वाधिक वर्षा दर्ज की गई है.

Aditi Chauhan
लेखक परिचय

Aditi Chauhan

Climate & Weather Explainer Writer

Aditi Chauhan, Mausam Breaking के Explainers Desk से जुड़ी हैं। वे मानसून, चक्रवात, पश्चिमी विक्षोभ, El Niño, La Niña और अन्य मौसम प्रणालियों से जुड़े विषयों को सरल भाषा में समझाने वाले articles तैयार करती हैं। उनका उद्देश्य जटिल मौसम विज्ञान संबंधी विषयों को आम पाठकों के लिए आसान और उपयोगी बनाना है।