चक्रवाती तूफान अर्नब के असर से झारखंड में झमाझम बारिश, मौसम विभाग ने जारी किया नया पूर्वानुमान

चक्रवाती तूफान अर्नब: चक्रवाती तूफान अर्नब, मौसम ब्रेकिंग (रांची): बंगाल की खाड़ी में विकसित चक्रवाती तूफान अर्नब के प्रभाव से झारखंड के मौसम में बड़ा बदलाव आया है। राज्य में 26 अक्टूबर से बादल छाने लगे थे और 28 अक्टूबर को व्यापक वर्षा दर्ज की गई, जिसके बाद मौसम विभाग ने 30 अक्टूबर से 12 नवंबर 2026 तक का नया पूर्वानुमान जारी किया है।

प्रतीकात्मक तस्वीर: चक्रवाती तूफान अर्नब
प्रतीकात्मक तस्वीर. Photo: Atlantic Ambience / Pexels

चक्रवाती तूफान अर्नब, मौसम ब्रेकिंग (रांची): बंगाल की खाड़ी में विकसित चक्रवाती तूफान अर्नब का असर झारखंड के मौसम पर भी स्पष्ट रूप से देखने को मिला है। इसके प्रभाव से राज्य में 26 अक्टूबर से आसमान में बादल छाने की शुरुआत हो गई थी।

मौसम विभाग के अनुसार 27 अक्टूबर को राज्य के दक्षिणी हिस्सों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ीं। वहीं 28 अक्टूबर को राज्य में व्यापक रूप से बारिश दर्ज की गई और इस दौरान कुछ स्थानों पर भारी वर्षा भी हुई।

मौसम की इन तमाम गतिविधियों के बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग ने 30 अक्टूबर से 12 नवंबर 2026 तक की अवधि के लिए विस्तारित मौसम पूर्वानुमान जारी किया है। रिपोर्ट के अनुसार 22 से 28 अक्टूबर के बीच राज्य के मौसम को प्रभावित करने वाली गतिविधियों में चक्रवाती तूफान अर्नब सबसे महत्वपूर्ण रहा।

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इस चक्रवाती प्रणाली की शुरुआत 23 अक्टूबर 2026 को सुबह 5.30 बजे दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र से हुई थी। आगे चलकर यह प्रणाली पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ी और 24 अक्टूबर को अवदाब में तथा 25 अक्टूबर को गहरे अवदाब में तब्दील हो गई।

इसके बाद 26 अक्टूबर को यह पूर्व-मध्य तथा उससे सटे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर चक्रवाती तूफान अर्नब का रूप ले लिया। लगातार तीव्रता बढ़ाते हुए 27 अक्टूबर को यह पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान बन गया।

यह तूफान धीरे-धीरे उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ा और 28 अक्टूबर को इसने आंध्र प्रदेश तथा यनम के तटों को पार किया। मौसम विभाग की रिपोर्ट बताती है कि तूफान ने बापटला और विशाखापत्तनम के बीच, यनम के दक्षिण-पश्चिम में, भारतीय समयानुसार सुबह 2 बजे से 8 बजे के बीच तट को पार किया।

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तट पार करते समय तूफान की अधिकतम निरंतर हवा की गति 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे थी और हवा के झोंकों की रफ्तार 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच रही थी। झारखंड में इस तूफान का असर 26 अक्टूबर से ही आंशिक बादलों के रूप में दिखने लगा था।

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अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में हुए इस मौसमी बदलाव के बाद अब मौसम विभाग ने आगामी दो सप्ताह के मौसम पर अपनी नजरें टिका दी हैं। तटीय क्षेत्रों को पार करने के बाद अब झारखंड में आगामी पूर्वानुमान के आधार पर ही मौसम की स्थिति का आकलन किया जाएगा।

Aditi Chauhan
लेखक परिचय

Aditi Chauhan

Climate & Weather Explainer Writer

Aditi Chauhan, Mausam Breaking के Explainers Desk से जुड़ी हैं। वे मानसून, चक्रवात, पश्चिमी विक्षोभ, El Niño, La Niña और अन्य मौसम प्रणालियों से जुड़े विषयों को सरल भाषा में समझाने वाले articles तैयार करती हैं। उनका उद्देश्य जटिल मौसम विज्ञान संबंधी विषयों को आम पाठकों के लिए आसान और उपयोगी बनाना है।