छत्तीसगढ़ में चक्रवाती तूफान का असर, मौसम ब्रेकिंग (रायपुर): बंगाल की खाड़ी में बन रहे चक्रवाती तूफान के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में आगामी दिनों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम की इस स्थिति को देखते हुए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर ने किसानों के लिए मौसम आधारित कृषि सलाह जारी की है।
किसानों को धान की कटाई फिलहाल रोकने, कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखने और खेतों में जल निकासी की समुचित व्यवस्था करने की सलाह दी गई है। वहीं, किसान कल्याण मंत्री रामविचार नेताम ने किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों और मैदानी अमले को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं।
विश्वविद्यालय की ओर से जारी सलाह में कहा गया है कि संभावित भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण धान, दलहन, तिलहन, सब्जियों तथा फलदार फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। ऐसे में किसानों को मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार कृषि कार्यों की योजना बनाने और फसलों की सुरक्षा के लिए समय रहते जरूरी कदम उठाने की आवश्यकता है।
यह भी पढ़ें: चक्रवात अर्नब को लेकर ओडिशा हाई अलर्ट पर, प्रशासन ने कसी कमर
भारत मौसम विज्ञान विभाग से प्राप्त पूर्वानुमान के अनुसार, दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना दबाव का क्षेत्र चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है। उपलब्ध पूर्वानुमान में तूफान के दौरान हवा की गति 115 से 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना जताई गई है।
इसके प्रभाव से छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है और 28 और 29 अक्टूबर को प्रदेश के कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने का पूर्वानुमान है। ऐसे में किसानों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है, क्योंकि फसल पकने के समय होने वाली तेज बारिश से कटाई में देरी का खतरा रहता है।
यह भी पढ़ें: चक्रवात ‘अर्नब’ का खतरा: 10 पॉइंट में समझिए ओडिशा-आंध्र प्रदेश की तैयारी









