छत्तीसगढ़ मौसम चेतावनी: रायपुर समेत कई जिलों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश

छत्तीसगढ़ मौसम चेतावनी: बंगाल की खाड़ी में बन रहे चक्रवाती तूफान अर्नब के संभावित प्रभाव को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने जनसुरक्षा और आपदा प्रबंधन की तैयारियां तेज कर दी हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग, रायपुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार 27 और 28 अक्टूबर को प्रदेश के सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर, नारायणपुर, कोंडागांव, बस्तर, कांकेर, महासमुंद, धमतरी, गरियाबंद, बालोद और.

प्रतीकात्मक तस्वीर: छत्तीसगढ़ मौसम चेतावनी
प्रतीकात्मक तस्वीर. Photo: Md Nadim Mahmud / Pexels

छत्तीसगढ़ मौसम चेतावनी, मौसम ब्रेकिंग (रायपुर): बंगाल की खाड़ी में बन रहे चक्रवाती तूफान अर्नब के संभावित प्रभाव को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने जनसुरक्षा और आपदा प्रबंधन की तैयारियां तेज कर दी हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग, रायपुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार 27 और 28 अक्टूबर को प्रदेश के सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर, नारायणपुर, कोंडागांव, बस्तर, कांकेर, महासमुंद, धमतरी, गरियाबंद, बालोद और रायपुर जिलों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश होने की संभावना है।

इन संभावित परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए राज्य शासन ने संबंधित जिलों में सतर्कता बढ़ाने और आवश्यक एहतियाती उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं।

राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि प्रदेश के नागरिकों की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने प्रशासन को पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करने का निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी आपात स्थिति में प्रभावित लोगों तक तत्काल सहायता पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए।

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मंत्री ने अधिकारियों से आपदा प्रबंधन से जुड़ी सभी आवश्यक व्यवस्थाएं तैयार रखने और संवेदनशील क्षेत्रों की विशेष निगरानी करने को कहा। उन्होंने जोर देते हुए बताया कि संभावित आपदा से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए समय पर सूचना और पूर्व तैयारी अत्यंत आवश्यक है।

इसके तहत सभी जिला कलेक्टरों को तेज हवाओं और तूफान से गिरने की आशंका वाले जर्जर एवं असुरक्षित मकानों को चिन्हित कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही जलाशयों के जलस्तर की नियमित निगरानी रखने और पानी छोड़े जाने की स्थिति में संबंधित क्षेत्रों को कम से कम 48 घंटे पहले सूचना देने को कहा गया है।

राज्य शासन ने संभावित आपदा से प्रभावित हो सकने वाले संवेदनशील गांवों का चिन्हांकन भी किया है। सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर, नारायणपुर, कोंडागांव, बस्तर, कांकेर, महासमुंद, धमतरी, गरियाबंद, बालोद और रायपुर सहित 12 अति संवेदनशील जिलों में 763 गांव चिन्हित किए गए हैं।

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इसके अतिरिक्त शेष 21 जिलों में 1006 संवेदनशील गांवों की पहचान की गई है। इस प्रकार प्रदेश में कुल 1769 गांवों को चिन्हित कर आपदा प्रबंधन की तैयारियों में विशेष प्राथमिकता दी जा रही है।

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आपदा संबंधी सूचनाओं और त्वरित सहायता के लिए राज्य में बाढ़ नियंत्रण कक्ष चौबीसों घंटे संचालित है। इसका टोल फ्री नंबर 1070 है।

संभावित खतरे के प्रति नागरिकों को जागरूक करने के लिए दामिनी और मेघदूत मोबाइल ऐप के माध्यम से मौसम संबंधी चेतावनियां लगातार प्रसारित की जा रही हैं।

मंत्री टंक राम वर्मा ने नागरिकों से अपील की है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें, अनावश्यक जोखिम से बचें और प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करें। उन्होंने कहा कि शासन और प्रशासन के समन्वित प्रयासों तथा नागरिकों की सतर्कता से संभावित आपदा के प्रभाव को कम करने और जनजीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

Aditi Chauhan
लेखक परिचय

Aditi Chauhan

Climate & Weather Explainer Writer

Aditi Chauhan, Mausam Breaking के Explainers Desk से जुड़ी हैं। वे मानसून, चक्रवात, पश्चिमी विक्षोभ, El Niño, La Niña और अन्य मौसम प्रणालियों से जुड़े विषयों को सरल भाषा में समझाने वाले articles तैयार करती हैं। उनका उद्देश्य जटिल मौसम विज्ञान संबंधी विषयों को आम पाठकों के लिए आसान और उपयोगी बनाना है।