चक्रवाती तूफान अर्नब , मौसम ब्रेकिंग (आंध्र प्रदेश): चक्रवाती तूफान अर्नब ने किसानों के साथ-साथ कृषि कारोबार से जुड़े लोगों की चिंता भी बढ़ा दी है। तेज हवाओं और भारी बारिश अगर खेतों में पहुंचती है, तो खड़ी फसलों को काफी नुकसान हो सकता है।
वहीं मंडियों तक सब्जियां, फल और अनाज पहुंचाने में भी काफी परेशानी आ सकती है जिसका असर किसानों की कमाई के साथ ही बाजार में कृषि उत्पादों की सप्लाई पर नजर आ सकता है। ऐसे में समझना जरूरी है कि, तूफान से खेती, पशुपालन और कृषि व्यापार किस तरह प्रभावित हो सकते हैं।
मौसम विभाग के मुताबिक, अर्नब तूफान के 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश और यानम के तट से टकराने की आशंका है। इस दौरान हवा की रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
आंध्र प्रदेश के अलावा ओडिशा, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ में भी भारी बारिश का खतरा है। आगे चलकर झारखंड, बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश बढ़ सकती है, हालांकि सभी राज्यों में तूफान का असर एक जैसा नहीं होगा।
इस समय कई इलाकों में धान की कटाई चल रही है और ऐसे में तेज हवा और बारिश से तैयार धान की फसल गिर सकती है। खेतों में पानी भरने से कटाई मुश्किल होगी तथा कटा हुआ धान खुले में रहने से भीग सकता है।
भारी बारिश से खेतों में पानी भरने पर टमाटर, भिंडी और दूसरी सब्जियों की फसल खराब होने का खतरा रहेगा। वहीं सड़कें बंद होने या परिवहन में देरी से किसानों की उपज समय पर मंडियों तक नहीं पहुंच पाएगी।
आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय इलाकों में सरकार ने मछुआरों को 26 से 29 अक्टूबर के बीच समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है। इससे मछली पकड़ने और उसकी सप्लाई पर अस्थायी असर पड़ सकता है।
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धान की कटाई के बाद किसान गेहूं, चना और सरसों की बुवाई की तैयारी करते हैं लेकिन भारी बारिश से खेत ज्यादा गीले होने पर जुताई और बुवाई में देरी हो सकती है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे कटाई से बचें और उपज सुरक्षित रखें।









