छत्तीसगढ़ में तूफान अर्नब का असर घटा, बारिश और बिजली गिरने का खतरा बरकरार

छत्तीसगढ़ मौसम: छत्तीसगढ़ में तूफान 'अर्नब' का प्रभाव अब कमजोर पड़ने लगा है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के दौरान प्रदेश के अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोत्तरी की संभावना जताई है। हालांकि, राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने का खतरा अभी बना हुआ है। दूसरी ओर, लगातार हुई.

प्रतीकात्मक तस्वीर: छत्तीसगढ़ मौसम
प्रतीकात्मक तस्वीर. Photo: Saikat Hazra / Pexels

छत्तीसगढ़ मौसम, मौसम ब्रेकिंग (रायपुर): छत्तीसगढ़ में तूफान ‘अर्नब’ का प्रभाव अब कमजोर पड़ने लगा है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के दौरान प्रदेश के अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोत्तरी की संभावना जताई है।

हालांकि, राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने का खतरा अभी बना हुआ है। दूसरी ओर, लगातार हुई बारिश से धान की खेती करने वाले किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

विशेषकर बेमेतरा जिले में कटाई के लिए तैयार फसल को नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई हैं।

यह भी पढ़ें: हिमाचल मौसम: कई भागों में दो दिन बारिश-बर्फबारी के आसार, ताबो का पारा शून्य में

मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जबकि कुछ स्थानों पर भारी बारिश हुई। उत्तरी छत्तीसगढ़ और उससे सटे मध्य प्रदेश के ऊपर कम दबाव का एरिया एक्टिव है, जिसके असर से राज्य में बारिश की गतिविधियां बनी हुई हैं।

इसके अलावा दक्षिणी अंडमान सागर और अंडमान-निकोबार के आसपास भी एक अन्य कम दबाव का क्षेत्र विकसित हुआ है। मौसम विभाग ने शनिवार को प्रदेश के कुछ स्थानों पर बारिश की संभावना जताई है।

इस दौरान एक-दो जगहों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की गई है। अगले दो दिनों के बाद भी प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में बिजली गिरने की आशंका बनी रह सकती है।

यह भी पढ़ें: तूफान अर्नब का असर बरकरार; एमपी के इन जिलों में बारिश और तेज हवाओं का येलो अलर्ट

इस बीच, बेमेतरा जिले में पिछले दो दिनों से जारी बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में कटाई के लिए तैयार धान की फसल भीग गई है, जबकि कई स्थानों पर तेज हवा और बारिश के वजह से खड़ी फसल जमीन पर गिर गई है।

यह भी पढ़ें: UP Weather Forecast: यूपी में बारिश के बाद बढ़ेगी ठंड, मुजफ्फरनगर में 14.9 डिग्री पहुंचा पारा

खेतों में जलभराव और बहुत ज्यादा नमी के चलते धान की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। प्रभावित किसान ओम वर्मा के मुताबिक, उनकी 25 से 30 प्रतिशत फसल खराब हो चुकी है।

बारिश जारी रही तो नुकसान 50 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। खेतों में पानी जमा होने से धान के दानों के काले पड़ने, सड़ने और अंकुरित होने का खतरा बढ़ गया है।

प्रभावित किसानों ने प्रशासन से फसल नुकसान का सर्वे कराकर उचित मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की है।

राजधानी रायपुर में शनिवार को आसमान में बादल छाए रहने और एक-दो बार बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है। मौसम विभाग ने यहां अधिकतम तापमान 30 डिग्री और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना जताई है।

इससे पहले शुक्रवार को रायपुर का अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.9 डिग्री कम रहा। वहीं, न्यूनतम तापमान 21.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 1.2 डिग्री ज्यादा था।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, तूफान का असर कम होने के साथ आगामी दो दिनों में दिन के तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि, स्थानीय स्तर पर वर्षा और आकाशीय बिजली की संभावना को देखते हुए सतर्कता जरूरी है।

Aditi Chauhan
लेखक परिचय

Aditi Chauhan

Climate & Weather Explainer Writer

Aditi Chauhan, Mausam Breaking के Explainers Desk से जुड़ी हैं। वे मानसून, चक्रवात, पश्चिमी विक्षोभ, El Niño, La Niña और अन्य मौसम प्रणालियों से जुड़े विषयों को सरल भाषा में समझाने वाले articles तैयार करती हैं। उनका उद्देश्य जटिल मौसम विज्ञान संबंधी विषयों को आम पाठकों के लिए आसान और उपयोगी बनाना है।