फरक्का जल संधि पर जदयू का सवाल: बिहार प्यासा क्यों, पानी बांग्लादेश क्यों?

फरक्का जल संधि बिहार जदयू: फरक्का जल संधि बिहार: जदयू ने भागलपुर में आयोजित कार्यक्रम में गंगा के जल प्रवाह, बाढ़ और पानी की किल्लत से जुड़े सवाल उठाए हैं। नेताओं ने संधि और बराज के प्रभावों पर पुनर्विचार की मांग दोहराई है, जिसमें बिहार के किसानों, पेयजल और आजीविका पर असर का मुद्दा प्रमुख रहा।

फरक्का जल संधि बिहार, Mausam Breaking (भागलपुर, बिहार): गंगा में बाढ़ का कहर भी बिहार झेले और पानी की किल्लत भी बिहार के हिस्से आए, आखिर यह कैसी व्यवस्था है? फरक्का जल संधि को लेकर जनता दल (यूनाइटेड) ने इसी सवाल को केंद्र में रखकर बिहार के जल अधिकारों की लड़ाई तेज करने का ऐलान किया है।

मंगलवार को भागलपुर के टाउन हॉल में जदयू की ओर से आयोजित ‘फरक्का जल संधि पर नीतीश संवाद’ कार्यक्रम में पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा और प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने बिहार के जल अधिकारों का मुद्दा उठाया। नेताओं ने कहा कि फरक्का जल संधि और बराज के प्रभावों पर नए सिरे से विचार करने का वक्त आ गया है।

कार्यक्रम में फरक्का जल संधि के प्रभावों पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फिल्म दिखाई गई और जानकारीपरक पर्चे भी वितरित किए गए।

संजय कुमार झा ने कहा कि शुष्क मौसम में जब बक्सर के पास गंगा का प्रवाह घटकर करीब 400 क्यूमेक रह जाता है, तब भी संधि के तहत फरक्का से बांग्लादेश के लिए 1500 क्यूमेक पानी छोड़ने का प्रावधान है। उनके मुताबिक इसका असर बिहार की आंतरिक नदियों के जल प्रबंधन पर भी पड़ता है।

उन्होंने आरोप लगाया कि इससे किसानों की सिंचाई, पेयजल, उद्योगों और लाखों लोगों की आजीविका प्रभावित हो रही है।

संजय झा ने कहा कि तत्कालीन सरकारों ने संधि करते समय बिहार की दीर्घकालिक जल आवश्यकताओं को पर्याप्त महत्व नहीं दिया, इसलिए राज्य के हितों को ध्यान में रखकर अब इस पर पुनर्विचार जरूरी है।

प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लंबे समय से फरक्का बराज और जल संधि से बिहार को होने वाले नुकसान का मुद्दा उठाते रहे हैं। उन्होंने बराज के कारण गंगा में गाद जमा होने और नदी का तल ऊंचा होने को उत्तर बिहार में बाढ़ की समस्या से जोड़ा, और कहा कि शुष्क मौसम में पानी की उपलब्धता भी प्रभावित होती है।

उन्होंने संजय कुमार झा को इस विषय को संसद में उठाने और राष्ट्रीय विमर्श का हिस्सा बनाने के लिए धन्यवाद दिया।

कार्यक्रम में अभियान प्रभारी एवं ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल, सांसद अजय कुमार मंडल, विधान पार्षद संजय सिंह और विजय सिंह, विधायक ललित मंडल और शुभानंद मुकेश समेत अन्य नेताओं ने कहा कि यह अभियान बिहार के जल संसाधनों और राज्यवासियों के हितों से जुड़ा है। पार्टी इस मुद्दे को केंद्र सरकार तक पहुंचाकर संधि पर पुनर्विचार की मांग को मजबूती देना चाहती है।

Priya Verma

Priya Verma, Mausam Breaking की Hindi Editorial Team से जुड़ी हैं। वे विभिन्न राज्यों और शहरों के मौसम पूर्वानुमान, बारिश की संभावना, तापमान में बदलाव और स्थानीय मौसम परिस्थितियों से संबंधित खबरों को सरल हिंदी में प्रस्तुत करती हैं। उनकी रिपोर्टिंग का उद्देश्य technical weather information को आम पाठक के लिए आसानी से समझने योग्य बनाना है।

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