कुरुक्षेत्र की अनाज मंडी में मूसलाधार बारिश से सैकड़ों क्विंटल धान भीगा

कुरुक्षेत्र मौसम: कुरुक्षेत्र मौसम ब्रेकिंग (कुरुक्षेत्र): अचानक बदले मौसम और तेज तूफान के कारण अनाज मंडियों में खुले आसमान के नीचे रखा सैकड़ों क्विंटल धान बुरी तरह भीग गया है, जिससे किसानों और आढ़तियों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं।

मौसम ब्रेकिंग — प्रतीकात्मक मौसम तस्वीर

कुरुक्षेत्र मौसम, मौसम ब्रेकिंग (कुरुक्षेत्र): अचानक बदले मौसम ने किसानों की नींद उड़ा दी है। तूफान और मूसलाधार बारिश के कारण अनाज मंडियों में खुले आसमान के नीचे पड़ी धान की फसल बुरी तरह भीग गई। मौसम में आए इस अचानक बदलाव के चलते किसानों और आढ़तियों को अपनी फसल को सुरक्षित ढंकने का मौका तक नहीं मिल पाया, जिससे किसानों की चिंताएं एक बार फिर बढ़ गई हैं।

अचानक हुई इस बारिश के कारण अनाज मंडियों में कई जगहों पर पानी भर गया। कुरुक्षेत्र मार्केट कमेटी सचिव हरजीत सिंह ने कहा कि जलभराव की समस्या से निपटने के लिए विशेष टीमें तैनात की गई हैं। नालियों में जमा धान के छिलके और अन्य कचरे को हटाकर सफाई का काम युद्धस्तर पर किया जा रहा है, ताकि मंडियों में जमा पानी जल्द से जल्द बाहर निकाला जा सके। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और अगले कुछ घंटों में जलभराव की समस्या का पूरी तरह समाधान कर लिया जाएगा।

थानेसर के मार्केट कमेटी सचिव हरजीत सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि इस सीजन में अब तक मंडियों में लगभग 16 लाख 12 हजार क्विंटल धान की आवक हो चुकी है। इसमें से करीब 15 लाख 10 हजार क्विंटल धान की सरकारी खरीद की जा चुकी है, जबकि लगभग 11 लाख 78 हजार क्विंटल धान का सुरक्षित उठान भी हो चुका है। फिलहाल मंडी परिसर में लगभग ढाई लाख क्विंटल धान उठान के इंतजार में खुले में पड़ा है। अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि मौसम साफ होते ही इस सप्ताह के भीतर शेष बचे सभी धान का उठान तेजी से पूरा करवा लिया जाएगा।

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तेज तूफान और आंधी के कारण कई स्थानों पर बिजली के खंभे उखाड़ गए और तारें टूट गईं, जिससे मंडी क्षेत्र की बिजली आपूर्ति भी ठप हो गई। बिजली विभाग को इसकी सूचना तुरंत दे दी गई है, और कर्मचारियों द्वारा मरम्मत का काम तेजी से किया जा रहा है। हालांकि, मंडियों में तुलाई और अन्य जरूरी कामकाज प्रभावित न हो, इसके लिए फिलहाल जनरेटरों की मदद ली जा रही है ताकि किसानों और आढ़तियों को असुविधा न हो।

अचानक हुई इस बारिश के बाद से किसान काफी चिंतित हैं। क्योंकि अनाज मंडी के साथ-साथ अभी भी किसानों के खेतों में धान खड़ी हुई है। पहले हुई दो बार बरसात के चलते धान कटाई में देरी हो रही है। हालांकि, बारिश से कुल कितने क्विंटल धान को वास्तविक नुकसान हुआ है, इसका सटीक आंकड़ा अभी सामने नहीं आया है, लेकिन भीगी हुई फसल को लेकर किसानों की परेशानी साफ देखी जा सकती है। किसानों को अब इस बात की उम्मीद है कि प्रशासन जल्द से जल्द पानी की निकासी करवाकर और शेष फसल का सुरक्षित उठान सुनिश्चित करके उन्हें इस प्राकृतिक आपदा के संकट से राहत दिलाएगा।

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Aditi Chauhan
लेखक परिचय

Aditi Chauhan

Climate & Weather Explainer Writer

Aditi Chauhan, Mausam Breaking के Explainers Desk से जुड़ी हैं। वे मानसून, चक्रवात, पश्चिमी विक्षोभ, El Niño, La Niña और अन्य मौसम प्रणालियों से जुड़े विषयों को सरल भाषा में समझाने वाले articles तैयार करती हैं। उनका उद्देश्य जटिल मौसम विज्ञान संबंधी विषयों को आम पाठकों के लिए आसान और उपयोगी बनाना है।