मानसून की बारिश के बावजूद तमिलनाडु के जलाशयों में केवल 33.7 प्रतिशत पानी

तमिलनाडु जलाशय जल भंडारण: पूर्वोत्तर मानसून की व्यापक बारिश के बावजूद राज्य के 90 जलाशयों में कुल भंडारण क्षमता का केवल 33.7 प्रतिशत पानी है। जल संसाधन विभाग के अनुसार 43 जलाशयों में 25 प्रतिशत से भी कम पानी है, जबकि कुछ जलाशय 95 प्रतिशत से अधिक भरे हैं। अधिकारियों ने अल नीनो, लंबे सूखे और भीषण गर्मी को मुख्य कारण बताया है।

तमिलनाडु जलाशय जल भंडारण, Mausam Breaking (तमिलनाडु): चेन्नई से आईएएनएस की खबर के अनुसार, पूर्वोत्तर मानसून के जोर पकड़ने के बावजूद राज्य के अधिकांश जलाशयों में जल स्तर चिंताजनक रूप से कम बना हुआ है।

जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, राज्य के 90 जलाशयों में कुल मिलाकर 75.7 हजार मिलियन क्यूबिक फीट (टीएमसी) पानी है, जो उनकी कुल भंडारण क्षमता का मात्र 33.7 प्रतिशत है। केवल तीन जलाशय पूरी तरह भरे हैं, जबकि 43 जलाशयों में 25 प्रतिशत से भी कम पानी है और 24 जलाशयों में स्तर 50 प्रतिशत से कम है।

पश्चिमी घाट से सटे जिलों और उत्तरी तमिलनाडु के कई हिस्सों में हाल में बारिश हुई है, लेकिन जलाशयों के भंडारण में अभी कोई खास सुधार नहीं दिखा है। अधिकारियों का मानना है कि लंबे सूखे मौसम और भीषण गर्मी के कारण जलाशयों की तलहटी सूख गई है।

‘डैम प्रोटेक्शन मूवमेंट’ से जुड़े एक अधिकारी ने कहा कि ‘अल नीनो’ के कारण दक्षिण-पश्चिम मानसून में कम बारिश हुई, जिससे कई जलाशयों में जल स्तर भारी गिरा। सूखी तलहटी अभी की बारिश को तेजी से सोख रही है, इसलिए सतह पर पानी जमा होने से पहले मिट्टी में नमी और भूजल सुधार के लिए लगातार बारिश जरूरी बताई गई है।

कुछ जलाशयों की स्थिति उत्साहजनक है। तेनकासी का गुंडर, कन्याकुमारी का मंबाझथुरैयार, थेनी का सोथुपराई, विरुधुनगर का सास्था कोइल और कुल्लुरसंडई, तथा डिंडीगुल का वरधमनाधी जलाशय 95 प्रतिशत से अधिक भरे हैं।

कोयंबटूर के पेरुवरिपल्लम जलाशय में भी भंडारण 95 प्रतिशत से अधिक दर्ज हुआ है।

अधिकारियों के अनुसार भंडारण का यह असमान वितरण बताता है कि पूरे राज्य में जल संसाधनों की बहाली के लिए लगातार मानसूनी बारिश की आवश्यकता है। आने वाले हफ्तों में भंडारण सुधरेगा या नहीं, इस पर बारिश के पैटर्न और जलाशयों में आवक की निगरानी की जा रही है।

Priya Verma

Priya Verma, Mausam Breaking की Hindi Editorial Team से जुड़ी हैं। वे विभिन्न राज्यों और शहरों के मौसम पूर्वानुमान, बारिश की संभावना, तापमान में बदलाव और स्थानीय मौसम परिस्थितियों से संबंधित खबरों को सरल हिंदी में प्रस्तुत करती हैं। उनकी रिपोर्टिंग का उद्देश्य technical weather information को आम पाठक के लिए आसानी से समझने योग्य बनाना है।

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