अर्नब चक्रवात , मौसम ब्रेकिंग (लखनऊ): अर्नब तूफान की वजह से उत्तर प्रदेश का मौसम बदलने वाला है। मौसम विभाग के मुताबिक, 29 से 31 अक्टूबर तक पूर्वांचल और अवध में भारी बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, 23 अक्टूबर को बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बना था जो बाद में गहरे दबाव क्षेत्र में बदल गया। तट से टकराने के बाद अर्नब तूफान कमजोर होकर छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और ओडिशा होते हुए यूपी तक पहुंचेगा।
यूपी पहुंचने तक यह काफी कमजोर हो चुका होगा लेकिन इसमें नमी की मात्रा बहुत ज्यादा होगी। इस वजह से 29 से 31 अक्टूबर तक पूर्वी यूपी और अवध के इलाकों में भारी बारिश होगी।
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इस दौरान 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी तेज हवाएं और आंधी चल सकती है। प्रयागराज, वाराणसी, बलिया, मिर्जापुर और चंदौली जैसे पूर्वांचल के 15 जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है।
लगातार बारिश और घने बादलों की वजह से तापमान में भारी गिरावट आएगी, जिससे मौसम में अचानक ठंडक बढ़ जाएगी। मौसम विभाग के मुताबिक तापमान में 6 से 8 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आएगी।
अर्नब तूफान की वजह से सबसे ज्यादा नुकसान फसलों को होगा क्योंकि अक्टूबर के आखिरी हफ्ते में धान की फसल पक चुकी है और काटी जा रही है। इसके साथ ही गेहूं, आलू और सरसों की बुवाई की तैयारियां चल रही हैं।
धान की फसल इस समय पूरी तरह पककर तैयार है या कटकर खेतों में पड़ी है और तेज हवाओं से धान के पौधे खेतों में बिछ जाएंगे। अगर कटे हुए धान पानी में डूब गए, तो दाने काले पड़ जाएंगे और सड़ने लगेंगे।
गोभी, टमाटर, मिर्च जैसी हरी सब्जियों की नर्सरी और खेतों में जलभराव होने से पौधे गल जाएंगे। इसके अलावा केले और पपीते के पेड़ों के टूटने या गिरने का सबसे ज्यादा खतरा रहता है।
जो किसान इन दिनों गेहूं, सरसों या अगेती आलू की बुवाई करने वाले थे, खेतों में पानी भरने के कारण वे कम से कम 10 से 15 दिनों तक बुवाई नहीं कर पाएंगे। इससे रबी का पूरा सीजन लेट हो सकता है।
कृषि विभाग और आईएमडी ने किसानों को सलाह दी है कि अगर फसल 80 से 85% तक पक चुकी है, तो कटाई कर लें और सुरक्षित स्थान पर रखें। फसल बीमा से जुड़ी शिकायत के लिए 72 घंटे के भीतर टोल-फ्री नंबर पर संपर्क करें।









