चक्रवात मुरासु आंध्र प्रदेश लैंडफॉल, Mausam Breaking (आंध्र प्रदेश): चक्रवात मुरासु (Murasu) का लैंडफॉल प्रोसेस मंगलवार सुबह लगभग 9:00 बजे आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों से टकराकर पूरा हो गया।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की रिपोर्ट के आधार पर राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) ने स्थिति से निपटने के लिए आंध्र प्रदेश में अपनी 14 टीमें तैनात कर दी हैं। राहत की बात यह है कि चक्रवात के टकराने के बाद भी अब तक किसी बड़े जान-माल के नुकसान या हताहत होने की कोई खबर नहीं है।
NDRF के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (DIG) मोहसेन शाहेदी ने मीडिया को बताया कि आंध्र प्रदेश के छह जिलों को चक्रवात से सबसे अधिक प्रभावित इलाकों के रूप में चिन्हित किया गया है। पड़ोसी राज्य तमिलनाडु से भी 3 अतिरिक्त टीमें मदद के लिए भेजी गई हैं।
NDRF की टीमें राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और स्थानीय जिला प्रशासन के साथ तालमेल बिठाकर बचाव व राहत कार्यों में जुटी हुई हैं।
चक्रवात के व्यापक प्रभाव को देखते हुए आंध्र प्रदेश के अलावा ओडिशा, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और उत्तरी तमिलनाडु में भी NDRF की टीमें एहतियातन तैनात की गई हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार सिस्टम अब धीरे-धीरे कमजोर पड़ रहा है।
आधी रात तक इस चक्रवात के साइक्लोनिक स्टॉर्म से घटकर डीप डिप्रेशन में बदलने की संभावना है, जिससे आंध्र प्रदेश के बाहरी राज्यों में इसका खतरा और असर काफी कम हो जाएगा।











