कल का मौसम चक्रवात मुरासु असर भारी बारिश अलर्ट, Mausam Breaking (आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, कर्नाटक): देश के कई हिस्सों में कल यानी 4 नवंबर को मौसम का मिजाज बिगड़ा रह सकता है। भारतीय मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, चक्रवाती तूफान मुरासु के असर से दक्षिण और पूर्वी भारत के 7 राज्यों में तेज हवाओं के साथ भारी से मूसलाधार बारिश की संभावना है।
विभाग ने अगले कुछ घंटों के दौरान 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक की तेज हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया है, इसलिए तटीय इलाकों के लोगों को खास सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के तटीय इलाकों में भारी बारिश का सिलसिला कल भी जारी रह सकता है। इनके अलावा छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा और कर्नाटक में भी भारी वर्षा का पूर्वानुमान जारी किया गया है।
राहत की बात यह है कि चक्रवाती तूफान के अगले 12 घंटों में धीरे-धीरे कमजोर पड़ने की संभावना जताई गई है, जिसके बाद हवाओं की रफ्तार और बारिश की तीव्रता में कमी आ सकती है।
ओंगोल के पास तट से टकराते समय तूफान के साथ 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक की हवाएं चली थीं। तूफान सोमवार देर रात करीब 1 बजे तट से टकराया था और उसके बाद से तटीय जिलों में बारिश का दौर जारी है।
उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में भी मौसम बदलने जा रहा है। मौसम विभाग ने एक नए वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के सक्रिय होने की संभावना जताई है, जिसका असर जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों पर रह सकता है।
इन इलाकों में बारिश के साथ बर्फबारी होने का अनुमान है। पहाड़ों की इस बर्फबारी और बारिश का असर मैदानी इलाकों के तापमान पर भी पड़ेगा और कई डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे लोगों को सर्दी का एहसास और तेज होगा।
इधर उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और बिहार के ज्यादातर हिस्सों में कल मौसम साफ रहने का अनुमान है। हालांकि सुबह के समय धुंध छाई रह सकती है और ठंड महसूस होगी।
दिल्ली-एनसीआर में न्यूनतम तापमान 16.4 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान करीब 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। वहीं बिहार और राजस्थान के कुछ हिस्सों में सुबह हल्की धुंध के साथ ठंड का असर ज्यादा महसूस हो सकता है।
हालांकि राजधानी की हवा की गुणवत्ता चिंता का विषय बनी हुई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली का एक्यूआई 350 के आसपास पहुंच गया है, जो बेहद खराब श्रेणी में आता है।
जहांगीरपुरी में एक्यूआई 452 दर्ज किया गया, जो गंभीर श्रेणी में है। ऐसे में धुंध और प्रदूषण के मिले-जुले असर से सुबह के समय दृश्यता भी कम रह सकती है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि समुद्र में सामान्य से 1 से 1.5 मीटर तक ऊंची लहरें उठ सकती हैं, जिससे दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश के निचले इलाकों में पानी भरने की आशंका है। बापटला, कृष्णा और प्रकाशम जिलों के निचले इलाकों में इसका असर सबसे अधिक पड़ने का अनुमान है।
प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और राज्य सरकार ने दक्षिण क्षेत्र के 5 जिलों में 1.60 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है तथा आपदा प्रतिक्रिया टीमों को तैनात किया गया है।
मौसम के इस बदले मिजाज को देखते हुए तटीय और पहाड़ी इलाकों की यात्रा करने वालों को पहले से योजना बनानी चाहिए और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करना चाहिए। यह पूर्वानुमान मौसम विभाग के ताजा आकलन पर आधारित है और हालात के हिसाब से इसमें बदलाव भी संभव है, इसलिए किसी भी जरूरी काम या यात्रा से पहले भारतीय मौसम विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी ताजा पूर्वानुमान जरूर देख लें।











