आंध्र प्रदेश में कमजोर पड़ा चक्रवाती तूफान मुरासु, फिर भी भारी बारिश का खतरा बरकरार

चक्रवाती तूफान मुरासु आंध्र प्रदेश: चक्रवाती तूफान मुरासु आंध्र प्रदेश के दक्षिणी तटीय क्षेत्र में कमजोर पड़ गया है, लेकिन भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार कई जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश का खतरा अब भी बना हुआ है। विभाग ने चार नवंबर के लिए भी भारी बारिश का अनुमान जताया है।

चक्रवाती तूफान मुरासु आंध्र प्रदेश, Mausam Breaking (आंध्र प्रदेश): आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश के बाद चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ अब दक्षिणी तटीय क्षेत्र में कमजोर पड़ गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने यह जानकारी दी।

आईएमडी ने एक विज्ञप्ति में कहा कि आज दोपहर ढाई बजे तक पिछले छह घंटों के दौरान ‘मुरासु’ सात किमी प्रति घंटे की गति से उत्तर से उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ा और उसी क्षेत्र में कमजोर हो गया। उसने कहा कि दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर भीषण चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ कमजोर होकर एक चक्रवाती तूफान में बदल गया।

यह मौसमी प्रणाली बापटला से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम में 40 किलोमीटर की दूरी पर, ओंगोल से उत्तर में 60 किलोमीटर की दूरी पर, विजयवाड़ा से दक्षिण-पश्चिम में 80 किलोमीटर की दूरी पर, कावली से उत्तर में 120 किलोमीटर की दूरी पर और मछलीपट्टनम से पश्चिम में 110 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

मौसम विभाग ने बताया, ”इस चक्रवाती तूफान के उत्तर-उत्तर पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते रहने और आज आधी रात तक गहरे दबाव के क्षेत्र में बदलने का प्रबल अनुमान है। हवा की गति 55-65 किमी प्रति घंटा रह सकती है, जो 75 किमी प्रति घंटा तक जा सकती है।”

इस चक्रवाती तूफान के असर से आज ज्यादातर जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश, कुछ जगहों पर भारी से भीषण बारिश और कहीं-कहीं बहुत ही भीषण बारिश होने का अनुमान है। मौसम विभाग ने चार नवंबर को कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान जताया है।

मौसम विभाग के एक अधिकारी के अनुसार, इससे पहले मंगलवार सुबह साढ़े पांच बजे भीषण चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ तट को पार कर गया था। पिछले 24 घंटों में बापटला में 22 सेंटीमीटर, नरसापुर में 20 सेंटीमीटर, करमचेडु में 16 सेंटीमीटर, अड्डंकी में 15 सेंटीमीटर और भीमवरम में 13 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई।

Neha Singh

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