बलरामपुर मौसम, मौसम ब्रेकिंग (बलरामपुर): चक्रवाती तूफान अर्नब के संभावित प्रभाव और 29 व 30 अक्टूबर को आंधी-बारिश की आशंका को देखते हुए बलरामपुर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिले में 32 बाढ़ चौकियों, 19 बाढ़ शरणालयों और 32 मेडिकल टीमों को अलर्ट कर दिया गया है।
किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) से भी संपर्क किया गया है। जरूरत पड़ने पर दोनों बलों को मदद के लिए बुलाया जा सकता है, ताकि राहत कार्यों में तेजी लाई जा सके।
जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने लोगों से सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
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मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 29 और 30 अक्टूबर को जिले में तेज हवाओं के साथ बारिश और बिजली कड़कने की आशंका है।
इसे देखते हुए प्रशासन ने आपात स्थिति से निपटने के लिए व्यवस्थाएं तैयार रखी हैं और बाढ़ चौकियों व मेडिकल टीमों को अलर्ट रखने का मुख्य उद्देश्य प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल सहायता पहुंचाना है। बाढ़ शरणालयों को लेकर भी विशेष सतर्कता बरती जा रही है, जिससे फंसे लोगों को सुरक्षित स्थान मिल सके।
जिला प्रशासन ने लोगों को जरूरी दवाएं, टार्च, चार्ज मोबाइल, पीने का पानी व अन्य आवश्यक सामान तैयार रखने की सलाह दी है। सड़क पर पेड़ या बिजली के तार गिरने पर हेल्पलाइन नंबर 1070 या 112 पर सूचना देने को कहा गया है।
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जिला आपदा विशेष अरुण सिंह ने बताया कि खराब मौसम की आशंका के बीच जिले की 32 बाढ़ चौकियों और 32 मेडिकल टीमों को अलर्ट कर दिया गया है। अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सतर्क रहने और किसी भी स्थिति पर तत्काल कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
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जिले में 19 बाढ़ शरणालयों को भी तैयार किया गया है, जो मौसम बिगड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने में मदद करेंगे। जरूरत पड़ने पर एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की मदद लेने के लिए प्रशासन ने पूरी तैयारी कर रखी है।
जिलाधिकारी ने लोगों से अपील की है कि तेज आंधी और बारिश के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और जर्जर भवनों से दूर रहें। किसानों को तैयार फसल की सुरक्षा करने तथा खुले में रखी उपज को सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गई है।









