दिल्ली वायु गुणवत्ता AQI 367, Mausam Breaking (दिल्ली): दिल्ली में बृहस्पतिवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 367 दर्ज किया गया, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों में यह जानकारी दी गई।
सीपीसीबी के अनुसार, अलीपुर में वायु की गुणवत्ता सबसे खराब रही। यहां एक्यूआई 427 रहा, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है।
सीपीसीबी के अनुसार, शून्य से 50 के बीच एक्यूआई को ‘अच्छा’, 51 से 100 को ‘संतोषजनक’, 101 से 200 को ‘मध्यम’, 201 से 300 को ‘खराब’, 301 से 400 को ‘बेहद खराब’ और 401 से 500 को ‘गंभीर’ श्रेणी में रखा जाता है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, दिल्ली के प्रमुख मौसम केंद्र सफदरजंग में बृहस्पतिवार को न्यूनतम तापमान 16.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.1 डिग्री अधिक है। वहीं, अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि पंजाब की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पराली जलाने के मुद्दे पर लोगों को गुमराह कर रही है। सिरसा ने दावा किया कि पंजाब में खेतों में पराली जलाने की घटनाओं में तेजी राष्ट्रीय राजधानी की हवा के जहरीली होने की प्रमुख वजह है।
यह एक आरोप है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि इस स्रोत से नहीं होती।
सिरसा ने दावा किया कि दिल्ली का एक्यूआई 30 अक्टूबर को 60 था, जो चार दिन के भीतर बढ़कर 350 के करीब पहुंच गया। उन्होंने कहा कि तीन नवंबर को पंजाब में पराली जलाने की 584 घटनाएं दर्ज की गईं, जबकि पिछले साल चार नवंबर को ऐसी 292 घटनाएं दर्ज हुई थीं।
उन्होंने पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों का हवाला देते हुए राज्य में अब तक 2,196 घटनाएं और 494 प्राथमिकी दर्ज होने का दावा किया।
सिरसा ने पंजाब सरकार पर किसानों को पराली निस्तारण के पर्याप्त विकल्प न देने का आरोप लगाया और कहा कि केंद्र सरकार ने ‘हैप्पी सीडर’ और ‘बेलर’ जैसे उपकरणों के लिए 5,000 करोड़ रुपये जारी किए थे। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने चार नवंबर को पंजाब के कई जिलों के उपायुक्तों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को तलब किया था।
इस मामले पर आम आदमी पार्टी की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।
सिरसा ने कहा कि वायु गुणवत्ता में अचानक गिरावट के लिए कोई बड़ी नई निर्माण गतिविधि, प्रदूषण फैलाने वाले उद्योग या वाहनों की भारी आवाजाही जिम्मेदार नहीं है, और पश्चिमी विक्षोभ से जुड़ी हवाएं पंजाब के धुएं को दिल्ली की ओर ला रही हैं। उन्होंने बीएस-छह से नीचे के वाहनों के दिल्ली प्रवेश पर पाबंदी को जनस्वास्थ्य के लिए बताया और पड़ोसी क्षेत्रों से सहयोग की अपील की।










