दिल्ली में AQI 400 पार, सरकार फिर कराएगी कृत्रिम बारिश

दिल्ली कृत्रिम बारिश क्लाउड सीडिंग AQI 400 पार: सूत्रों के अनुसार दिल्ली सरकार वायु प्रदूषण की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए एक बार फिर कृत्रिम बारिश कराने की तैयारी में है। पिछले 15 दिनों में दो ट्रायल हो चुके हैं और दिवाली-छठ के बाद प्रदूषण बढ़ने पर योजना लागू हो सकती है।

दिल्ली कृत्रिम बारिश क्लाउड सीडिंग AQI 400 पार, Mausam Breaking (दिल्ली): दिल्ली में तमाम कोशिशों और बंदिशों के बावजूद वायु प्रदूषण में लगातार इजाफे के बाद सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सूत्रों के अनुसार, दिल्ली सरकार ने वायु प्रदूषण की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए एक बार फिर कृत्रिम बारिश कराने की तैयारी की है।

दिल्ली में AQI लगातार 400 के पार बना हुआ है। सूत्रों ने पुष्टि की है कि दिवाली और छठ पूजा के बाद अगर प्रदूषण का स्तर बढ़ता है तो कृत्रिम बारिश (artificial rain) कराने की योजना है।

15 दिन में दो ट्रायल किए गए

पिछले 15 दिनों में दिल्ली सरकार ने कृत्रिम बारिश के दो ट्रायल किए हैं। दिल्ली हवाई अड्डे के पास कृत्रिम बारिश का एक ट्रायल किया गया।

ये ट्रायल और ‘क्लाउड सीडिंग’ (cloud seeding) लगभग 30,000 मीटर की ऊंचाई पर किए गए। पिछले साल क्लाउड सीडिंग 10,000 मीटर की ऊंचाई पर की गई थी।

पिछले साल भी कराई थी क्लाउड सीडिंग

दिल्ली में प्रदूषण और स्मॉग से निपटने के लिए पिछले साल 28 अक्टूबर को भी कृत्रिम बारिश कराई गई थी। दिल्ली सरकार के पर्यावरण विभाग ने IIT कानपुर के सहयोग से वायु प्रदूषण में ये क्लाउड सीडिंग कराई थी।

पहला ड्राई रन 23 अक्टूबर 2025 को हुआ था, लेकिन न्यूनतम बादल होने के कारण कोई बारिश नहीं हुई। तीन दिन बाद IIT कानपुर का स्पेशल प्लेन कानपुर से मेरठ होते हुए उड़ा।

दिल्ली में प्रदूषण के हॉट जोन बुराड़ी, मयूर विहार और करोल बाग के ऊपर बादलों में लगभग क्लाउड सीडिंग की गई। 10 किलो सिल्वर आयोडाइड, साधारण नमक और रॉक साल्ट के मिश्रण को फ्लेयर्स के जरिये छोड़ा गया।

हालांकि इसमें भी अपेक्षित सफलता नहीं मिली थी।

विंटर एक्शन प्लान दिल्ली सरकार का

दिल्ली सरकार ने सर्दियों में प्रदूषण की खराब स्थिति को देखते हुए इस साल पहले ही विंटर एक्शन प्लान लागू किया था। 1 नवंबर से दिल्ली के बाहर के बीएस-4 वाहनों पर प्रतिबंध लगा दिया है।

पार्किंग फीस को भी तकरीबन दोगुना कर दिया गया है। साथ ही ऑफिसों में 50 फीसदी वर्क फ्रॉम होम लागू करने को कहा गया है।

निजी और सरकारी कार्यालयों की टाइमिंग में भी बदलाव किया गया है।

दिल्ली में किस कारण कितना प्रदूषण

शहर में कुल वायु प्रदूषण में स्थानीय स्रोतों का योगदान 31% और बाहरी स्रोतों का योगदान 69% रहा। वहीं, कुल प्रदूषण में पराली जलाने (बाहरी स्रोत) का योगदान 16.2% हो गया है।

IIT दिल्ली (AQI 455), जहांगीरपुरी (449), पंजाबी बाग (446), मुंडका (439), विवेक विहार (436), DTU (434), रोहिणी (432), नरेला और अलीपुर (429), सोनिया विहार (427), पूसा (426), आरके पुरम (424), बवाना (417), डॉ. करणी सिंह शूटिंग रेंज, सिरी फोर्ट, नॉर्थ कैंपस और पटपड़गंज (412), तथा ITO (411) एक्यूआई रिकॉर्ड किया गया है।

Neha Singh

Neha Singh, Mausam Breaking में Senior Copy & SEO Editor हैं। वे articles की भाषा, headline clarity, search intent, internal linking और overall readability पर काम करती हैं। उनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मौसम से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी search engines के लिए technically clear होने के साथ-साथ पाठकों के लिए भी उपयोगी और स्वाभाविक बनी रहे।

Website

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

चक्रवात अलर्ट

मौसम श्रेणियाँ