प्रतिकूल मौसम, मौसम ब्रेकिंग (हिसार): सेक्टर 15 निवासी एवं चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू) की सेवानिवृत्त प्राध्यापक डॉ. पुष्पा खरब ने 65 वर्ष की आयु में पेटेंट हासिल किया है।
खरब को 21 अक्तूबर को धान और गेहूं के पौधों को ट्रांसजेनिक बनाने की विधि के लिए छठा पेटेंट मिला है।
यह पेटेंट दोनों फसलों में आनुवंशिक बदलाव लाने की प्रक्रिया को सुलभ व प्रभावी बनाने से जुड़ा है। इस तकनीक का उद्देश्य प्रयोगशाला के अनुसंधानों को सीधे खेतों तक पहुंचाना है ताकि फसलों की गुणवत्ता बढ़े और किसानों की लागत व श्रम में कमी आए।
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डॉ. पुष्पा ने बताया कि ट्रांसजेनिक तकनीक के जरिए पौधे के आनुवंशिक गुणों में सुधार के लिए बाहरी जीन को शामिल किया जाता है।
यह विधि भविष्य में व्यापक स्तर पर इस्तेमाल होने वाली जीन एडिटिंग तकनीक के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी।
इसके माध्यम से सीधे पौधों के मूल जीन में सकारात्मक बदलाव किए जा सकेंगे जिससे प्रतिकूल मौसम और बीमारियों से लड़ने में सक्षम नई किस्में तैयार होंगी। भारत सरकार और एचएयू के वित्तपोषित प्रोजेक्ट्स के तहत तैयार इस शोध की भविष्य की संभावनाओं को पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की गहन जांच से गुजरना होगा।
इसके बाद देश में ही बनी ट्रांसजेनिक किस्म को खेतों तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने बताया कि वे वर्ष 2005 से अब तक 13 पेटेंट के लिए आवेदन कर चुकीं हैं और भारत सरकार के पेटेंट कार्यालय से 6 पेटेंट मंजूर हो चुके हैं।
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