मध्य प्रदेश में अगले 2-3 दिनों में पूर्वी संभागों में गिरेगा तापमान, सभी जिले शुष्क

मध्य प्रदेश मौसम पूर्वी संभाग तापमान गिरावट: राज्य में मौसम शुष्क बना हुआ है और मौसम विभाग के अनुसार आने वाले 2-3 दिनों में पूर्वी मध्य प्रदेश के न्यूनतम तापमान में लगभग 2 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक गिरावट आ सकती है। पिछले 24 घंटों में छिंदवाड़ा सबसे गर्म रहा जबकि इंदौर में सबसे कम न्यूनतम तापमान दर्ज हुआ। किसानों को रबी फसलों के चयन और बुआई में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

मध्य प्रदेश मौसम पूर्वी संभाग तापमान गिरावट, Mausam Breaking (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश में इन दिनों मौसम का मिजाज शुष्क बना हुआ है। पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के सभी संभागों के जिलों में मौसम पूरी तरह साफ और शुष्क दर्ज किया गया।

इस दौरान अधिकतम और न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं देखा गया। तापमान सामान्य के आसपास बने हुए हैं, हालांकि चंबल और ग्वालियर संभागों में न्यूनतम तापमान सामान्य से थोड़े अधिक दर्ज किए गए हैं।

मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले 2-3 दिनों के दौरान पूर्वी मध्य प्रदेश के न्यूनतम तापमान में लगभग 2 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक गिरावट आ सकती है, जिससे ठंडक बढ़ने की संभावना है।

तापमान के आंकड़े: राज्यभर में दर्ज तापमान के अनुसार छिंदवाड़ा जिला सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 35.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। गुना में 33.9 डिग्री और सागर में 33.3 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान रहा।

वहीं रात के समय ठंडक बढ़ने लगी है। प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान 12.0 डिग्री सेल्सियस इंदौर में दर्ज किया गया।

कल्याणपुर (शहडोल) और दमोह में न्यूनतम तापमान 12.2 डिग्री सेल्सियस तथा भोपाल और पचमढ़ी में 12.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

भोपाल का मौसम: राजधानी भोपाल और आसपास के क्षेत्रों में कल सुबह तक मौसम मुख्यतः साफ रहने तथा धुंध छाए रहने का अनुमान है। हवा की गति 4 से 6 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है, जबकि अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।

पिछले 24 घंटों में भोपाल का अधिकतम तापमान 31.6 डिग्री और न्यूनतम तापमान 12.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।

किसानों के लिए सलाह और आगामी मौसमी हलचल: मौसम विभाग के अनुसार मध्य क्षोभमंडलीय पछुआ हवाओं में एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, और 10 नवंबर से एक नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है। इसे देखते हुए किसानों को तापमान का ध्यान रखते हुए तोरिया और सरसों की बुआई शुरू करने की सलाह दी गई है।

वर्तमान में कम बारिश और मिट्टी में नमी की कमी को देखते हुए किसानों को चना और मसूर जैसी कम पानी वाली रबी फसलों को प्राथमिकता देने की सलाह दी गई है। किसानों से खाद और प्रमाणित बीजों की अग्रिम व्यवस्था करने तथा मिट्टी परीक्षण के आधार पर ही संतुलित उर्वरक प्रयोग करने का भी अनुरोध किया गया है।

Priya Verma

Priya Verma, Mausam Breaking की Hindi Editorial Team से जुड़ी हैं। वे विभिन्न राज्यों और शहरों के मौसम पूर्वानुमान, बारिश की संभावना, तापमान में बदलाव और स्थानीय मौसम परिस्थितियों से संबंधित खबरों को सरल हिंदी में प्रस्तुत करती हैं। उनकी रिपोर्टिंग का उद्देश्य technical weather information को आम पाठक के लिए आसानी से समझने योग्य बनाना है।

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