मध्य प्रदेश में बढ़ने लगी ठंड, कई शहरों में पारा 12 डिग्री से नीचे

मध्य प्रदेश ठंड तापमान गिरावट: मध्य प्रदेश में ठंड की शुरुआत: मध्य प्रदेश में मौसम सर्द होने लगा है और पिछले 24 घंटों में न्यूनतम तापमान करीब 1.5 डिग्री सेल्सियस तक नीचे आया है। गिरवर, दमोह और करौंदी सहित कई स्थानों पर पारा 12 डिग्री से नीचे दर्ज हुआ है, जबकि मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में और गिरावट संभव है।

मध्य प्रदेश ठंड तापमान गिरावट, Mausam Breaking (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश में अब मौसम सर्द होने लगा है। दिन में हल्की ठंडक के साथ रात के तापमान में लगातार कमी आ रही है।

पिछले 24 घंटे में प्रदेश का न्यूनतम तापमान करीब 1.5 डिग्री सेल्सियस तक नीचे आया है। भोपाल और इंदौर सहित कई शहरों में रातें पहले के मुकाबले ठंडी हो गई हैं।

मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में पारे में और गिरावट देखने को मिल सकती है। नवंबर का दूसरा पखवाड़ा प्रदेश में सर्दी का असर बढ़ाने वाला रहेगा।

नवंबर के दूसरे सप्ताह से बदलेगा मौसम का मिजाज। मौसम के पिछले 10 सालों के आंकड़े बताते हैं कि नवंबर के मध्य से मध्य प्रदेश में ठंड का असर तेज होने लगता है।

इस बार भी इसी तरह का मौसम रहने के संकेत मिल रहे हैं। महीने के दूसरे सप्ताह से रात के तापमान में और कमी आने की संभावना है।

ग्वालियर-चंबल संभाग में सर्दी का असर अपेक्षाकृत ज्यादा दिखाई दे सकता है। यहां उत्तर भारत से आने वाली ठंडी हवाएं सीधे पहुंचती हैं, जिससे रात के पारे में तेजी से गिरावट होती है।

15 नवंबर के बाद प्रदेश के दूसरे हिस्सों में भी ठंड बढ़ने के आसार हैं।

इन शहरों में दर्ज हुआ सबसे कम तापमान। बीती रात शाजापुर जिले से जुड़े गिरवर में न्यूनतम तापमान 11.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

यह प्रदेश में सबसे कम रहा। दमोह में पारा 12 डिग्री और कटनी जिले के करौंदी में 12.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।

हिल स्टेशन पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 12.4 डिग्री रहा, जबकि इंदौर में यह 12.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राजधानी भोपाल में रात का तापमान 13.5 डिग्री सेल्सियस रहा।

तापमान में आई इस गिरावट के चलते सुबह और रात के समय ठंड का अहसास बढ़ गया है।

त्योहारों पर नहीं बिगड़ेगा मौसम, चार दिन बारिश के आसार नहीं। मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश में फिलहाल मौसम शुष्क रहने का अनुमान है।

शुक्रवार को कहीं भी आंधी या बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया गया है। 7 और 8 नवंबर को भी बारिश की संभावना नहीं है।

ऐसे में धनतेरस और दीपावली के दौरान बाजारों और खरीदारी के लिए निकलने वाले लोगों को मौसम की ओर से राहत मिल सकती है।

हालांकि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में दो चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं। इनके प्रभाव से कुछ स्थानों पर हल्के बादल छा सकते हैं, लेकिन बारिश होने की संभावना नहीं है।

15 नवंबर के बाद बढ़ेगी ठंड की रफ्तार। मौसम के पिछले दस वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो नवंबर के दूसरे पखवाड़े से ठंड का असर ज्यादा महसूस होने लगता है।

इस बार भी इसी तरह का ट्रेंड रहने की संभावना है। नवंबर के दूसरे सप्ताह से रात के तापमान में और गिरावट आ सकती है।

खासकर ग्वालियर-चंबल संभाग में उत्तरी हवाओं के कारण सर्दी का असर ज्यादा रहेगा। ग्वालियर में नवंबर के दौरान न्यूनतम तापमान का ऐतिहासिक रिकॉर्ड 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है।

वहीं उज्जैन में भी रात का पारा 2.3 डिग्री सेल्सियस तक गिर चुका है।

भोपाल में 6.1 डिग्री तक पहुंच चुका है पारा। राजधानी भोपाल में नवंबर के दौरान रात का तापमान सामान्य तौर पर 9 से 12 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच जाता है।

पिछले दस वर्षों में भी इसी तरह का ट्रेंड देखने को मिला है। इस बार भी दूसरे सप्ताह से तापमान में तेजी से गिरावट आने की संभावना है।

भोपाल में 30 नवंबर 1941 को न्यूनतम तापमान 6.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। नवंबर में बारिश का भी इतिहास रहा है।

पिछले दस वर्षों में तीन बार इस महीने बारिश हुई है। वर्ष 1936 में नवंबर के दौरान साढ़े पांच इंच से ज्यादा बारिश दर्ज की गई थी।

इंदौर में 5.6 डिग्री तक गिर चुका है तापमान। इंदौर में नवंबर के दूसरे सप्ताह से ठंड का असर बढ़ने लगता है।

रात का तापमान 10 से 12 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच जाता है। हालांकि, शहर में 25 नवंबर 1938 को न्यूनतम तापमान 5.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।

दिन का तापमान सामान्य तौर पर 31 से 33 डिग्री के बीच रहता है। इस महीने कभी-कभार बारिश भी होती है।

दिन में भी कम होने लगी गर्मी। सिर्फ रातें ही नहीं, बल्कि दिन के मौसम में भी बदलाव दिखाई दे रहा है।

प्रदेश के कई शहरों में अधिकतम तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक कम हुआ है। अमरकंटक, पचमढ़ी, मलाजखंड, शिवपुरी और बैतूल में दिन का तापमान 29 डिग्री सेल्सियस के नीचे पहुंच गया है।

इससे दिन के समय तेज गर्मी से राहत मिल रही है। आने वाले दिनों में तापमान में और बदलाव होने की संभावना है।

त्योहारों पर मौसम रहेगा साफ, बारिश के आसार नहीं। धनतेरस और दीपावली के दौरान प्रदेशवासियों को बारिश से राहत मिलने की उम्मीद है।

मौसम विभाग ने शुक्रवार को प्रदेश के किसी भी जिले के लिए आंधी या बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया है। 7 और 8 नवंबर को भी मौसम शुष्क रहने का अनुमान है।

हालांकि आसमान पूरी तरह साफ नहीं रहेगा। प्रदेश के अलग-अलग ऊंचाई वाले क्षेत्रों में दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय हैं।

इनके असर से कुछ स्थानों पर हल्के बादल नजर आ सकते हैं।

Neha Singh

Neha Singh, Mausam Breaking में Senior Copy & SEO Editor हैं। वे articles की भाषा, headline clarity, search intent, internal linking और overall readability पर काम करती हैं। उनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मौसम से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी search engines के लिए technically clear होने के साथ-साथ पाठकों के लिए भी उपयोगी और स्वाभाविक बनी रहे।

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