आंध्र प्रदेश में ‘मुरासु’ चक्रवात की तबाही: दो की मौत, 52 हजार हेक्टेयर से अधिक फसलें नष्ट

आंध्र प्रदेश चक्रवात मुरासु: मंगलवार को चक्रवाती तूफान 'मुरासु' के तट से टकराने से कम से कम दो लोगों की मौत हुई, 52,000 हेक्टेयर से अधिक फसलें नष्ट हुईं और 300 से ज्यादा घर व बिजली लाइनें क्षतिग्रस्त हुईं। राहत और बचाव कार्य जारी हैं, जबकि मौसम विभाग ने बुधवार को तटीय इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया है।

आंध्र प्रदेश चक्रवात मुरासु, Mausam Breaking (आंध्र प्रदेश): अमरावती से मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार को भीषण चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ के चलते कम से कम दो लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों के अनुसार 52,000 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में खड़ी फसलें नष्ट हो गईं और 300 से ज्यादा घर तथा बिजली की लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं।

एक हफ्ते के भीतर राज्य के तट से टकराने वाला यह दूसरा चक्रवात था। मंगलवार तड़के यह तट से टकराया, जिससे 15 जिलों में खड़ी फसलें पानी में डूब गईं।

कृष्णा, बापटला और नंड्याल जिले सबसे अधिक प्रभावित बताए गए हैं।

चक्रवात से पहले कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हुई। हजारों पेड़ उखड़ गए और बिजली के 2,750 खंभे क्षतिग्रस्त हो गए।

अधिकारियों ने बताया कि तेज हवाओं और बारिश से बिजली पारेषण लाइनें, उपविद्युत केंद्र और वितरण उपकरण भी प्रभावित हुए हैं। प्रकाशम और बापटला जिलों में असर सबसे ज्यादा बताया गया है।

आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रबंध निदेशक प्रखर जैन के अनुसार राज्य में चक्रवात से जुड़ी घटनाओं में कम से कम दो लोगों की मौत हुई है और 12,230 लोग अब भी चक्रवात आश्रय स्थलों में ठहरे हुए हैं। शुरुआती अनुमानों के अनुसार राज्य को कम से कम 344 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है और 52,459 हेक्टेयर क्षेत्र में फसलें प्रभावित हुई हैं।

प्रकाशम जिले में कुछ मछली पकड़ने वाली नावें क्षतिग्रस्त हुईं। राष्ट्रीय राजमार्गों पर वाहन फंस गए और कम दृश्यता के कारण वाहन चालकों को भारी परेशानी हुई।

35 से अधिक ट्रेन रद्द की गईं, 14 के मार्ग बदले गए और आठ का समय फिर से निर्धारित किया गया, साथ ही कई उड़ानें भी रद्द हुईं।

दमकल विभाग ने उखड़े पेड़ हटाने और बाढ़ का पानी निकालने के लिए 185 दल तैनात किए हैं। इसके अलावा एनडीआरएफ के 11 और एसडीआरएफ के 13 दल राहत कार्यों में जुटे हैं।

सरकार ने 171 राहत शिविर बनाए हैं, 14,810 भोजन पैकेट बांटे हैं और एहतियात के तौर पर 3,066 गर्भवती महिलाओं तथा 1,008 स्तनपान कराने वाली माताओं को अस्पतालों में पहुंचाया गया है। 13 जिलों में 725 मेडिकल दल भेजे गए हैं और 362 एम्बुलेंस तैयार रखी गई हैं।

मौसम विभाग के अनुसार सोमवार सुबह 8.30 बजे से मंगलवार सुबह 8.30 बजे के बीच बापटला में 22 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। नरसापुर (20 सेमी), करमचेडु (16 सेमी), अड्डंकी (15 सेमी) और भीमवरम (13 सेमी) में भी भारी बारिश हुई।

भीषण चक्रवाती तूफान के तीन नवंबर की आधी रात तक गहरे दबाव के क्षेत्र में बदलने की संभावना है, और बुधवार को तटीय आंध्र प्रदेश के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है।

Neha Singh

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