दिल्ली में 287 दिन बाद सबसे खराब हवा, कई इलाकों में AQI 400 के पार

दिल्ली AQI बहुत खराब हवा: मंगलवार को राजधानी का औसत AQI 350 दर्ज हुआ, जो पिछले 287 दिनों में सबसे खराब है। जहांगीरपुरी, पंजाबी बाग, रोहिणी समेत कई इलाकों में AQI 400 से ऊपर रहा। CPCB के अनुसार हवा बहुत खराब से गंभीर श्रेणी में है और GRAP-2 लागू किया गया है। अगले दिनों में भी स्थिति गंभीर बने रहने की आशंका है।

दिल्ली AQI बहुत खराब हवा, Mausam Breaking (दिल्ली): मंगलवार, 3 नवंबर को राजधानी दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 350 दर्ज किया गया, जो बहुत खराब श्रेणी में आता है। लगातार दूसरे दिन हवा की गुणवत्ता इसी श्रेणी में बनी रही।

रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 287 दिनों में यह दिल्ली की सबसे खराब वायु गुणवत्ता है। इससे पहले 20 जनवरी को AQI 378 दर्ज किया गया था।

प्रदूषण बढ़ने के बाद सोमवार को ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का दूसरा चरण, GRAP-2, लागू किया गया।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के मुताबिक, 57 मॉनिटरिंग स्टेशनों में से 35 पर हवा बहुत खराब और 12 पर खराब श्रेणी में दर्ज की गई, जबकि 11 स्टेशनों पर हवा गंभीर श्रेणी में रही। सबसे ज्यादा AQI जहांगीरपुरी में 462 दर्ज हुआ।

पंजाबी बाग (445), रोहिणी (442), DTU (438), मुंडका (429), अलीपुर (428), विवेक विहार (424), नरेला (420), बवाना (415), IIT दिल्ली (411) और दिल्ली यूनिवर्सिटी नॉर्थ कैंपस (401) में भी AQI 400 के पार रहा।

AQI की श्रेणियों के अनुसार, 301-400 बहुत खराब और 401-500 गंभीर श्रेणी है। ऐसे हालात में सांस संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों, बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

डिसीजन सपोर्ट सिस्टम (DSS) के मॉडल आधारित आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के प्रदूषण में वाहनों के उत्सर्जन का योगदान 15.8% और पराली जलाने का योगदान 15.3% बताया गया है। आवासीय गतिविधियां, उद्योग, निर्माण, कचरा जलाना और सड़क की धूल भी इसमें शामिल हैं।

मौसम की परिस्थितियां, विशेषकर कम हवा की गति, प्रदूषकों को जमा होने में मदद करती हैं।

उपग्रह आधारित निगरानी के अनुसार, 2 नवंबर को छह राज्यों में खेतों में आग लगने की 219 घटनाएं दर्ज की गईं। 15 सितंबर से 2 नवंबर के बीच कुल 3,535 घटनाएं दर्ज किए जाने की जानकारी दी गई।

GRAP-2 के तहत सड़कों की मशीनों से सफाई, धूल दबाने के लिए पानी का छिड़काव, निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण, सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल को बढ़ावा और डीजल जनरेटर से जुड़े नियमों को लागू करना शामिल है। यह अपने आप में सभी निजी वाहनों पर प्रतिबंध नहीं है।

एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम के पूर्वानुमान के मुताबिक, 4 से 6 नवंबर तक हवा बहुत खराब श्रेणी में रह सकती है और अगले छह दिनों में बहुत खराब से गंभीर के बीच रहने की आशंका है। मौसम विभाग ने बुधवार को मुख्य रूप से साफ आसमान का अनुमान दिया है, जिसमें अधिकतम तापमान करीब 28 और न्यूनतम करीब 15 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।

हालांकि, साफ आसमान का मतलब यह नहीं कि प्रदूषण तुरंत कम होगा।

विशेषज्ञ सलाह के अनुसार, बहुत खराब या गंभीर हवा में बाहर लंबे समय तक रहने और कठिन शारीरिक गतिविधि से बचें। सांस लेने में परेशानी, सीने में जकड़न या लगातार खांसी होने पर चिकित्सकीय सलाह लें और घर से निकलने से पहले अपने इलाके का ताजा AQI देखें।

Priya Verma

Priya Verma, Mausam Breaking की Hindi Editorial Team से जुड़ी हैं। वे विभिन्न राज्यों और शहरों के मौसम पूर्वानुमान, बारिश की संभावना, तापमान में बदलाव और स्थानीय मौसम परिस्थितियों से संबंधित खबरों को सरल हिंदी में प्रस्तुत करती हैं। उनकी रिपोर्टिंग का उद्देश्य technical weather information को आम पाठक के लिए आसानी से समझने योग्य बनाना है।

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