15 राज्यों में आंधी-तूफान का खतरा, मौसम विभाग की इमरजेंसी एडवाइजरी, Mausam Breaking (भारत): चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ का बचा हुआ हिस्सा अब डिप्रेशन के रूप में पूर्वी तेलंगाना और उससे सटे तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर बना हुआ है। इसका असर सिर्फ दक्षिण भारत तक सीमित नहीं रहने वाला है।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 5 नवंबर को ओडिशा, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश समेत देश के 15 राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की है। कुछ इलाकों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की तूफानी रफ्तार से हवा चल सकती है।
चार राज्यों में आंधी का असर ज्यादा गंभीर रहने की आशंका जताई गई है। वहीं उत्तर भारत के दिल्ली, यूपी, बिहार और आसपास के राज्यों में भी मौसम तेजी से करवट ले सकता है।
ऐसे में कहीं बारिश तो कहीं तेज हवा लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार पहाड़ी राज्यों में बारिश के साथ बर्फबारी की संभावना जताई गई है। कुछ इलाकों में भूस्खलन का खतरा भी बना हुआ है।
पूर्वी भारत के कई जिलों में बिजली गिरने और बादलों की गरज के साथ जोरदार बारिश हो सकती है। बंगाल की खाड़ी में उठ रही तेज हवाओं का असर पूर्वी राज्यों के मौसम पर भी साफ दिखाई दे सकता है।
मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर भारत में अगले तीन दिनों के दौरान तापमान में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। देश के 10 से ज्यादा राज्यों में पारा 4 से 5 डिग्री तक अचानक गिर सकता है।
दिल्ली और आसपास के इलाकों में 5 नवंबर को मौसम में बदलाव होने की पूरी संभावना है। राजधानी में हल्की बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
इस दौरान 15 से 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा के झोंके चल सकते हैं। दिन भर आसमान में बादल छाए रहने और हल्की ठंडक महसूस होने की संभावना है।
दिल्ली में अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।
उत्तर प्रदेश में गाजियाबाद, मुरादाबाद, मेरठ, आगरा, मथुरा, रायबरेली, मिर्जापुर, सोनभद्र, फतेहपुर और कानपुर समेत कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। बदायूं, शामली, इटावा, गाजीपुर, गोरखपुर, देवरिया, बस्ती और आजमगढ़ में भी बारिश के साथ सतही हवाएं चल सकती हैं, जिनकी रफ्तार 35 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
राजधानी लखनऊ में अधिकतम तापमान 30 डिग्री और न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
बिहार के कई जिलों में मध्यम बारिश और तेज आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। पटना, सिवान, भोजपुर, बक्सर, गया, रक्सौल, शिवहर और सीतामढ़ी में मौसम का व्यापक असर दिखाई दे सकता है।
वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, किशनगंज, पूर्णिया, अररिया और कटिहार में भी बारिश की संभावना है। इस दौरान 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है।
झारखंड में 5 और 6 नवंबर को मौसम खराब रहने का अनुमान है। रांची, जमशेदपुर, देवघर, दुमका, बोकारो, हजारीबाग और धनबाद में बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
कुछ इलाकों में मध्यम से भारी बारिश होने की आशंका है।
पश्चिम बंगाल के कई जिलों में 5 नवंबर को तेज बारिश और आंधी आने की संभावना है। हावड़ा, जलपाईगुड़ी, कालिम्पोंग, कोलकाता, मालदा और अलीपुरद्वार में मौसम का असर देखने को मिल सकता है।
कुछ इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
राजस्थान में भरतपुर, बाड़मेर, बीकानेर, जयपुर, कोटा और उदयपुर में बारिश की संभावना जताई गई है। जयपुर में अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।
मध्य प्रदेश में नरसिंहपुर, देवास, हरदा, धार, विदिशा और बालाघाट में बारिश की चेतावनी जारी की गई है। भोपाल में अधिकतम तापमान 29 डिग्री और न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।
पंजाब के कपूरथला, गुरदासपुर, अमृतसर, बठिंडा, लुधियाना, फरीदकोट और फिरोजपुर में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। चंडीगढ़ में हवा के झोंकों की रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
उत्तराखंड में नैनीताल, हरिद्वार, ऋषिकेश, चमोली, अल्मोड़ा और बागेश्वर में बारिश और आंधी का अलर्ट है। पहाड़ी इलाकों में बारिश के कारण फिसलन और भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है।
देहरादून में अधिकतम तापमान 27 डिग्री और न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
हिमाचल प्रदेश में कुल्लू, कांगड़ा, मंडी, ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर और सोलन में बारिश की चेतावनी है, जबकि कुछ ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना भी जताई गई है। मनाली में अधिकतम तापमान करीब 7 डिग्री और न्यूनतम माइनस 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।
जम्मू-कश्मीर में कुपवाड़ा, जम्मू, किश्तवाड़, पुंछ, बारामूला, अनंतनाग और रियासी में बारिश और बर्फबारी की संभावना है। कुछ इलाकों में तेज हवाओं की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
पहाड़ी रास्तों पर फिसलन और भूस्खलन का खतरा बना रह सकता है।
चक्रवात मुरासु के बचे हुए हिस्से का असर दक्षिण भारत के कई राज्यों में व्यापक रूप से दिखाई दे सकता है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में भारी बारिश के साथ बिजली चमकने और बादलों की गरज का अलर्ट है।
केरल, माहे, लक्षद्वीप, कर्नाटक, रायलसीमा और तेलंगाना में भी बारिश की संभावना जताई गई है। तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में आकाशीय बिजली के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है।
ओडिशा और छत्तीसगढ़ में भी चक्रवाती सिस्टम के असर से बारिश की संभावना बनी हुई है।



