मीशापुलिमाला में नीलकुरिंजी का दुर्लभ ऊंचाई वाला पुष्पन

नीलकुरिंजी का पुष्पन: केरल के मुन्नार क्षेत्र में स्थित मीशापुलिमाला की ढलानों पर नीलकुरिंजी के फूल खिल रहे हैं। यह पुष्पन रोडो मेंशन के पास लगभग 2,470 मीटर की ऊंचाई पर देखा गया है। नीलकुरिंजी आम तौर पर 2,500 मीटर से अधिक ऊंचाई पर नहीं खिलती, इसलिए यहां का दृश्य इसके ऊंचाई वाले आवास और स्थानीय पुष्पन चक्र के लिहाज.

प्रतीकात्मक तस्वीर: नीलकुरिंजी का पुष्पन
प्रतीकात्मक तस्वीर. Photo: RAHULKUMAR R / Pexels

नीलकुरिंजी का पुष्पन, मौसम ब्रेकिंग (मीशापुलिमाला): केरल के मुन्नार क्षेत्र में स्थित मीशापुलिमाला की ढलानों पर नीलकुरिंजी के फूल खिल रहे हैं। यह पुष्पन रोडो मेंशन के पास लगभग 2,470 मीटर की ऊंचाई पर देखा गया है।

नीलकुरिंजी आम तौर पर 2,500 मीटर से अधिक ऊंचाई पर नहीं खिलती, इसलिए यहां का दृश्य इसके ऊंचाई वाले आवास और स्थानीय पुष्पन चक्र के लिहाज से खास है। फूलों का मौसम अक्टूबर से दिसंबर 2026 तक रहने की संभावना है।

नीलकुरिंजी का वानस्पतिक नाम Strobilanthes kunthiana है जो दक्षिण भारत के पश्चिमी घाट में पाई जाती है। इसके पौधे बड़ी संख्या में फूलकर पहाड़ी ढलानों पर दूर तक रंगीन पट्टी बनाते हैं।

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मीशापुलिमाला और चोक्करामुडी की आबादियों में लगभग 12 वर्ष का चक्र देखा जाता है जहां पिछला बड़ा पुष्पन 2014 में दर्ज हुआ था। एराविकुलम राष्ट्रीय उद्यान में अगला नीलकुरिंजी मौसम 2030 में अपेक्षित है।

केरल वन विकास निगम ने 26 अक्टूबर 2026 से पर्यटकों के लिए कुरिंजी ट्रेक शुरू किया है। संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्र में भीड़ सीमित रखने के लिए प्रतिदिन अधिकतम 750 आगंतुकों की सीमा तय की गई है।

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Aditi Chauhan
लेखक परिचय

Aditi Chauhan

Climate & Weather Explainer Writer

Aditi Chauhan, Mausam Breaking के Explainers Desk से जुड़ी हैं। वे मानसून, चक्रवात, पश्चिमी विक्षोभ, El Niño, La Niña और अन्य मौसम प्रणालियों से जुड़े विषयों को सरल भाषा में समझाने वाले articles तैयार करती हैं। उनका उद्देश्य जटिल मौसम विज्ञान संबंधी विषयों को आम पाठकों के लिए आसान और उपयोगी बनाना है।