इंदौर रात का तापमान गिरावट, Mausam Breaking (इंदौर): शहर में अब रात के तापमान में तेजी से गिरावट आने लगी है। उत्तरी और उत्तर-पूर्वी हवाओं के असर से बुधवार-गुरुवार की रात ठंड का प्रभाव बढ़ गया।
रात का न्यूनतम तापमान 3.7 डिग्री की बड़ी गिरावट के साथ 12.7 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। यह सामान्य से करीब 3 डिग्री कम रहा।
नवंबर के पहले सप्ताह में ही तापमान में आई इस गिरावट ने लोगों को ठंड का अहसास करा दिया है।
खास बात यह है कि इस बार नवंबर के शुरुआती दिनों में ही पिछले वर्षों के मुकाबले रातें ज्यादा ठंडी होने लगी हैं।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, नवंबर महीने में वर्ष 2019 में न्यूनतम तापमान 14.2 डिग्री, 2021 में 13.5 डिग्री और 2023 में 14.6 डिग्री दर्ज किया गया था। इस बार 12.7 डिग्री तापमान दर्ज होने के साथ इन तीनों वर्षों का रिकॉर्ड टूट गया है।
हालांकि, पिछले दशक में नवंबर के दौरान इससे भी कम तापमान दर्ज हुआ है। वर्ष 2025 में 16 नवंबर को न्यूनतम तापमान 6.4 डिग्री तक पहुंच गया था, जो पिछले दस वर्षों में नवंबर का सबसे कम आंकड़ा रहा।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, फिलहाल इंदौर में उत्तरी और उत्तर-पूर्वी हवाएं चल रही हैं। इन्हीं हवाओं के कारण तापमान में अचानक गिरावट दर्ज की गई है।
उत्तर दिशा से आने वाली ठंडी हवाओं का असर रात के तापमान पर ज्यादा दिखाई दे रहा है।
वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले दिनों में हवाओं की दिशा और उनकी गति के आधार पर तापमान में बदलाव हो सकता है। यदि उत्तरी और उत्तर-पूर्वी हवाओं का रुख इसी तरह बना रहता है तो रात के तापमान में और गिरावट देखने को मिल सकती है।
वहीं, हवाओं की दिशा बदलने पर तापमान में दोबारा बढ़ोतरी भी संभव है।
मौसम के जानकारों के मुताबिक, सामान्य तौर पर नवंबर में रात का तापमान 15 से 20 नवंबर के बाद तेजी से नीचे जाने लगता है। इस दौरान उत्तरी हवाओं का प्रभाव बढ़ने से ठंड का असर भी तेज होता है।
लेकिन इस बार नवंबर के पहले सप्ताह में ही रात का तापमान 12.7 डिग्री तक पहुंच गया है। इससे साफ है कि इस बार ठंड का असर सामान्य समय से पहले महसूस होने लगा है।
रात के तापमान में गिरावट के कारण सुबह जल्दी घर से निकलने वाले लोगों को भी ठंड महसूस होने लगी है। आने वाले दिनों में मौसम का रुख कैसा रहता है, यह उत्तरी हवाओं की स्थिति पर निर्भर करेगा।
फिलहाल शहर में रात की ठंड ने दस्तक दे दी है और तापमान में आगे होने वाले बदलाव पर मौसम विभाग की नजर बनी हुई है।




