पश्चिम बंगाल मौसम , मौसम ब्रेकिंग (कोलकाता): पश्चिम बंगाल में अगले कुछ दिनों के दौरान मौसम बदल सकता है। चक्रवात ‘अर्नब’ के असर से राज्य के कई जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने 28 से 30 अक्टूबर के बीच बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है। वहीं, समुद्र में तेज हवाएं चलने की आशंका को देखते हुए मछुआरों को तट के पास समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग के मुताबिक, इस चक्रवात का असर दक्षिण बंगाल के साथ-साथ उत्तर बंगाल के पहाड़ी और उप-हिमालयी इलाकों में भी दिख सकता है। कुछ जिलों में भारी बारिश के कारण जलभराव और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा भी है।
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वहीं, उत्तर बंगाल के कुछ जिलों में 29 और 30 अक्टूबर को तेज बारिश की संभावना है। दक्षिण बंगाल के जिलों में दक्षिण 24 परगना, पूर्व और पश्चिम मेदिनीपुर, झाड़ग्राम, बांकुरा, पुरुलिया शामिल हैं।
उत्तर बंगाल के जिलों में दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, अलीपुरद्वार, जलपाईगुड़ी शामिल हैं।
मौसम विभाग ने 27 से 30 अक्टूबर के बीच दक्षिण बंगाल के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान जताया है। इनमें उत्तर और दक्षिण 24 परगना, पूर्व और पश्चिम मेदिनीपुर, झाड़ग्राम, हावड़ा, हुगली और कोलकाता शामिल हैं।
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आईएमडी ने पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों में तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है। 27 से 29 अक्टूबर के बीच हवा की रफ्तार 35 से 45 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है।
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कुछ समय के लिए यह बढ़कर 55 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
इसी को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों को सोमवार से पश्चिम बंगाल के तट के पास समुद्र में न जाने की सलाह दी है। मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक, सोमवार सुबह बंगाल की खाड़ी के पूर्वी-मध्य और उससे लगे पश्चिमी-मध्य हिस्से में एक मौसमी सिस्टम बना हुआ था।
इसके धीरे-धीरे और ताकतवर होकर बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान बनने की आशंका जताई गई है।
यह तूफान 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश के तट को पार कर सकता है। इसके असर से पश्चिम बंगाल में भी कई जगह बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है।
दार्जिलिंग के पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन का खतरा भी जताया गया है।









