झुंझुनू छापोली हादसा करंट मौत, Mausam Breaking (उदयपुरवाटी, झुंझुनू, राजस्थान): राजस्थान के झुंझुनू जिले से सामने आई इस घटना ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। जिस सड़क को गांव के लोगों ने आपस में चंदा जुटाकर बनवाया था, उसी के निर्माण के दौरान आठ लोगों की जान चली गई।
यह घटना सोमवार, 2 नवंबर की सुबह करीब 10 बजे उदयपुरवाटी क्षेत्र के छापोली गांव में कदम कुंड मंदिर तक जाने वाले रास्ते पर हुई। प्रशासन और पीडब्ल्यूडी की ओर से रास्ता न बनने पर ग्रामीणों ने खुद सहयोग और चंदे से सड़क निर्माण का काम शुरू किया था।
काम के दौरान रोड़ी और सीमेंट मिलाने वाली मिक्सर मशीन को एक जगह से दूसरी जगह ले जाया जा रहा था। इसी दौरान मशीन का हाइड्रोलिक जैक (बूम) ऊपर से गुजर रही 11,000 वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन से टकरा गया।
मशीन में तेज करंट दौड़ गया और वहां काम कर रहे लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला।
पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मृतकों में अधिकांश लोग आपस में जुड़े परिवारों से थे और छापोली व मंडावरा गांव के निवासी थे।
ग्रामीणों ने बिजली विभाग और स्थानीय प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि काम शुरू करने से पहले बिजली सप्लाई बंद करने के लिए ग्रिड सबस्टेशन पर फोन किया गया था, लेकिन वहां कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था, और हाईटेंशन लाइन काफी नीचे लटक रही थी।
ये आरोप ग्रामीणों के हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
घटना के बाद पूर्व मंत्री राजेंद्र गुड़ा मौके पर पहुंचे और मृतकों के परिजनों के लिए उचित मुआवजे व सरकारी नौकरी की मांग की। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।













